श्रीनगर: गैस की किल्लत के दबाव में एजेंसी मैनेजर ने कांच से हाथ काटा, अस्पताल में भर्ती
रैबार डेस्क: एलपीजी गैस सिलेंडर की भारी कमी और ग्राहकों की मांग के भारी दबाव से जगह जगह हालात बिगड़ते दिख रहे हैं। उत्तराखंड के श्रीनगर गढ़वाल में भी ऐसा कुछ देखने को मिला जब इंडेन गैस एजेंसी के मैनेजर ने ग्राहकों की भीड़ और नोंकझोंक के बीच हाथ की नस काट दी। घटना परम जीद लोगों ने मैनेजर को फौरन अस्पताल पहुंचाया जहां अब उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
श्रीनगर में LPG सिलेंडरों की कमी लंबे समय से बनी हुई है। लोगों को सिलेंडर हासिल करने के लिए कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है, इसलिए जैसे ही सिलेंडर का वाहन दिखथा है लोग गैस लेने उस परटूट पड़ते हैं। गुरुवार सुबह जह सिलेंडर से भरा ट्रक गैस गोदाम पहुंचा तो सिलेंडर लेने आए लोगों और एजेंसी कर्मचारियों के बीच तीखी बहस हो गई।
बढ़ती भीड़ और सिलेंडर घटती उपलब्धता के बीच उपभोक्ताओं और कर्मचारियों के बीच तीखी कहासुनी हुई, जिसने माहौल को तनावपूर्ण बना दिया। इसी तनाव के बीच एजेंसी प्रबंधक दीपक कुमार पटेल ने मानसिक दबाव में आकर कांच से अपना हाथ काट लिया। यह दृश्य देख मौके पर मौजूद लोग सन्न रह गए। आनन-फानन में उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार शुरू किया। डॉक्टरों के अनुसार, चोट गंभीर नहीं है और राहत की बात यह रही कि नस नहीं कटी। फिलहाल मैनेजर की हालत स्थिर बताई जा रही है और वह खतरे से बाहर हैं।
यह घटना न सिर्फ आपूर्ति व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि लगातार दबाव और अव्यवस्था किस तरह एक सामान्य स्थिति को गंभीर बना सकती है। इससे पहले इसी महीने की शुरुआत में भी चंपावत में इंडेन गैस एजेंसी के प्रबंधक ने जहर खाकर खुदकुशी कर ली थी।
