जस्टिस मनोज कुमार गुप्ता बने उत्तराखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस, राज्यपाल ने दिलाई शपथ
रैबार डेस्क: उत्तराखंड उच्च न्यायालय के नवनियुक्त मुख्य न्यायाधीश के रूप में मनोज कुमार गुप्ता ने लोकभवन देहरादून में शपथ ग्रहण की। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रि) गुरमीत सिंह ने उन्हें पद की शपथ दिलाई और मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने भारत की राष्ट्रपति की ओर से न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता को उत्तराखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायमूर्ति बनाए जाने से संबंधित अधिपत्र पढ़ा।
न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता उत्तराखंड हाईकोर्ट के 15 वें चीफ जस्टिस हैं। उन्होंने 10 जनवरी 2026 को इस पद का कार्यभार संभाला। जबकि, बीती 9 जनवरी को उत्तराखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश गुहानाथन नरेंद्र (जी नरेंद्र) अपने पद से रिटायर हुए। उन्होंने 26 दिसंबर 2024 को उत्तराखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस यानी मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्यभार संभाला था। अपने कार्यकाल में उन्होंने कई अहम फैसले सुनाए, जिनकी मिसाल दी जाती है।
लखनऊ विश्वविद्यालय से लॉ ग्रेजुएट जस्टिस मनोज कुमार गुप्ता ने 6 दिसंबर 1987 को अधिवक्ता के रूप में पंजीकरण कराया। वकालत के दौरान उन्होंने मुख्य रूप से सिविल, रेंट कंट्रोल और संवैधानिक कानून के मामलों में प्रैक्टिस की। 12 अप्रैल 2013 को इलाहाबाद उच्च न्यायालय में अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया, जबकि, 10 अप्रैल 2015 को वे स्थायी न्यायाधीश बने। जस्टिस गुप्ता 22 नवंबर 2023 से 4 फरवरी 2024 तक इलाहाबाद उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश भी रहे। अपने लंबे न्यायिक अनुभव और प्रशासनिक दक्षता के कारण उन्हें उत्तराखंड उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया। उनकी सेवानिवृत्ति 8 अक्टूबर 2026 को निर्धारित है।
