2026-03-28

चुनाव से पहले कांग्रेस ने दिया बीजेपी को झटका, 3 पूर्व विधायकों समेत 6 नेताओं ने थामा कांग्रेस का हाथ

रैबार डेस्क:  2027 के चुनाव से पहले ने उत्तराखंड कांग्रेस ने बड़ा दांव चला है। हाल फिलहाल में लगातार ऐसा देखा गया कि कांग्रेस छोड़कर कई लोग भाजपा में शामिल हुए, लेकिन आज भाजपा बैकग्राउंड के आधा दर्जन नेताओं ने कांग्रेस का दामन थाम लिया। दिल्ली में उत्तराखंड प्रभारी कुमारी शैलजा, उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, हरक सिंह रावत, प्रीतम सिंह की मौजूदगी में रुद्रपुर के पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल, सितारगंज से पूर्व विधायक नारायण पाल,  घनसाली से पूर्व विधायक भीमलाल आर्य,  रुड़की के पूर्व मेयर गौरव गोयल, मसूरी नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष अनुज गुप्ता और लाखन सिंह नेगी ने कांग्रेस का हाथ थामा।

2027 के चुनाव से पहले कांग्रेस के लिए इसे बड़ी जीत के तौर पर देखा जा रहा है। आमतौर पर चुनाव के वक्त कांग्रेस में भगदड़ दिखती है, लेकिन इस बार कुनबा बढ़ता दिख रहा है। कांग्रेस पिछले कुछ समय से विभिन्न मुद्दों को लेकर भाजपा सरकार पर आक्रामक रही है।

राजकुमार ठुकराल की छवि फायरब्रांड नेता की रही है। हिंदुत्व एजेंडे पर उन्होंने अपने साथ अच्छा खासा वोटबैंक जोड़ा है। ठुकराल 2012 और 2017 में रुद्रपुर से विधायक रहे हैं। लेकिन 2022 में टिकट न मिलने के बाद नाराज होकर पार्टी छोड़ दी थी। उनके कांग्रेस में जुड़ने से बड़ा वोटबैंक उनके खाते में आ सकता है। हालांकि 2022 में ठुकराल निर्दलीय लड़े थे तब उन्हें केवल 27 हजार वोट ही मिल सके थे। दूसरी बात कि रुद्रपुर में कांग्रेस की नेता मीना शर्मा उनके आने से असहज हो सकती हैं।

भीमलाल आर्य कांग्रेस के लिए घनसाली में बड़ा दलित चेहरा बन सकते हैं। पहले बीजेपी में रहे, फिर कांग्रेस में भी रहे, लेकिन पिछले चुनाव से निर्दलीय हैं। भीमलाल आर्य घनसाली से 2012 में बीजेपी विधायक रहे, 2017 में कांग्रेस के टिकट से चुनाव लड़े लेकिन मात्र 5000 वोटों के साथ तीसरे नंबर पर खिसक गए थे। 2022 में भी भीमलाल आर्य ने निर्दलीय चुनाव लड़ा और तीसरे नंबर पर रहे।

गौरव गोयल रुड़की के मेयर रहे हैं, बीजेपी में उनकी अच्छी पकड़ रही। 2019 में जब बीजेपी ने उन्हें पार्टी से निकाला तो निर्दलीय चुनाव लड़े और मेयर बन गए। फिर से भाजपा में वापसी की, लेकिन 2022 में गौरव गोयल को बीजेपी ने अनुशासनहीनता के लिए पार्टी से निकाल दिया । गोयल ने 2023 में मेयर पद से इस्तीफा दे दिया था।

नारायण पाल उत्तराखंड में बहुजन समाज पार्टी के प्रमुख नेताओं में से एक हैं। पहले कांग्रेस में भी रह चुके हैं । बाद में समाजवादी पार्टी और फिर बसपा से दो बार विधायक चुने गए। नाराय पाल के आने से सितंरगंज में कांग्रेस को बड़ा बूस्ट मिल सकता है। तिलकराज बेहड़ के साथ ठुकराल और नारायण पाल की तिकड़ी कांग्रेस को तराई में मजबूती दे सकती है।

2022 में भीमताल से निर्दलीय चुनाव लड़े लाखन सिंह नेगी युवाओं के बीच तेजी से उभर रहे हैं। निर्दलीय चुनाव लड़ते हुए भी लाखन ने 12500 से ज्यादा वोट हासिल किए थे। लाखन  सिंह नेगी जिला पंचायत सदस्य रहे हैं उनकी पत्नी रामगढ़ से ब्लॉक प्रमुख रही है। वर्तमान में भी उनकी पत्नी जिला पंचायत सदस्य है। 2025 क जिला पंचायत चुनाव में लाखन सिंह नेगी चर्चा में आए थे, जब उनके समर्थक सदस्यों को जबरन किडनैपिंग की गई थी। लाखन के रूप में कांग्रेस को मजबूत विकल्प मिल सकता है।

कांग्रेस का दामन थामने वालों में मसूरी नगरपालिका के पूर्व अध्यक्ष अनुज गुप्ता भी हैं। पिछले दो तीन बार से गोदावरी थापली को टिकट जरूर मिला लेकिन वो करिश्मा दिखाने में नाकाम रही। लिहाजा इस बार पार्टी अनुज गुप्ता को टिकट दे सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed