पहाड़ में लागू होगी स्वैच्छिक चकबंदी, होमस्टे मे बन सकेंगे 8 कमरे, जानिए धामी कैबिनेट के बड़े फैसले
रैबार डेस्क: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आज मंत्रिमंडल की बैठक संपन्न हुई। इस दौरान पर्यटन, राजस्व,स्वास्थ्य जैसे विषयों पर कैबिनेट ने 19 प्रस्तावों पर मपहर लगाई। कैबिनेट ने प्रदेश में चकबंदी को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।
कैबिनेट के फैसले
-चकबंदी पर बड़ा फैसला लिया गया है। पर्वतीय क्षेत्रों में स्वैच्छिक चकबंदी होगी। हर जिले में 10 गांव का लक्ष्य रखा गया है। किसी भी गांव में चकबंदी के लिए 75% ग्रामीणों की सहमति जरूरी होगी। चकबंदी की पूरी प्रक्रिया डिजिटली की जाएगी। आपत्तियों का निस्तारण भी होगा।
-राजस्व परिषद में समीक्षा अधिकारी सेवा नियमावली में संशोधन को मंजूरी मिली है। अब कंप्यूटर का ज्ञान के बजाय 8000 की टाइपिंग स्पीड को अनिवार्य किया गया है, समीक्षा अधिकारी के लिए माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस, विंडोज का भी ज्ञान जरूरी होगी।
-होम स्टे नियमावली में संशोधन के प्रस्ताव को स्वीकृति। अब होम स्टे में छह के स्थान पर आठ कक्ष बनाए जा सकेंगे।
-सगंध पौधा केंद्र का नाम परफ़्यूमरी अनुसंधान संस्थान होगा।
-सुप्रीम कोर्ट नई दिल्ली के तहत दो पद और होंगे।
-मेडिकल कॉलेज में कमेटी तीन साल के लिए संविदा पर रखती थी। अब सचिव स्तर पर ही होगा
-चिकित्सा शिक्षा निदेशालय के ढांचे का पुनर्गठन होगा। 29 से बढ़ाकर 40 पद किए गए।
-राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में 277 कार्मिक 2009 से लगे हैं, उनको समान कार्य समान वेतन मिलेगा।
-लैब टेक्नीशियन संवर्ग के ढांचे को पुनर्गठन किया जाएगा। 266 मेडिकल लैब टेक्निकल ऑफिसर के होंगे।
-महिला स्पोर्ट्स कॉलेज लोहाघाट के कुल 16 पदों को मंजूरी मिली।
-पंचायत भवन निर्माण के लिए अब 10 लाख के स्थान पर 20 लाख रुपये की धनराशि देने पर कैबिनेट की मुहर।
-लघु जल विधुयुत परियोजना की नीति में संशोधन को मंजूरी। डेवलपर की परफॉर्मेंस सिक्योरिटी शून्य होगी। पहले परियोजना की डीपीआर बनती थी, अब प्री फिजिबिलिटी रिपोर्ट बनेगी। जब विकासकर्ता को फॉरेस्ट क्लीयरेन्स मिलेगी तो उसके समय तय होंगे।
-उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम के लिए शैक्षिक नियमावली मंजूर। मान्यता के आवदेन की प्रक्रिया, शर्तें, नवीनीकरण, मान्यता समाप्त करने के नियम तय हुए।
-फॉरेंसिक साइंस में 15 पद सृजित करने को मंजूरी मिली।
-यूपीसीएल, यूजेवीएनएल और पिटकुल में पहले निदेशक के चयन की नियमावली बनी थी। जिसमें निदेशक मंडल में नियुक्त शब्द हटाया गया है। अब बाहर का व्यक्ति भी निदेशक बन सकेगा।
