2026-06-13

गदरपुर की सियासत में नया ट्विस्ट, अरविंद पांडे के घर पहुंचे सीएम धामी, साथ में की बोटिंग

रैबार डेस्क:  ऊधम सिंह नगर जिले की गदरपुर विधानसबा सीट पिछले कुछ समय से चर्चाओं में है। विधायक अरविंद पांडे के तेवरों और अफनी ही सरकार पर आरोपों के बीच इस मामले में एक नया ट्विस्ट देखने को मिला। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज अचानक गदरपुर में अऱविंद पांडे के घऱ पहुंचे। दोनों के बीच बंद कमरे में काफी देर तक बातचीत हुई। इसके बाद सीएम धामी ने विधायक पांडे केसाथ बोटिंग करते हुए यहां प्रस्तावित वाटर स्पोर्ट्स प्रतियोगिता की तैयारियों का जायजा लिया। इस मुलाकात के कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं।

शनिवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अचानक गदरपुर पहुंचे और भाजपा विधायक अरविंद पांडे से उनके आवास पर मुलाकात की। मुख्यमंत्री के आगमन पर सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया। मुख्यमंत्री और विधायक अरविंद पांडेय ने नाव में बैठकर आयोजन स्थल का निरीक्षण किया तथा व्यवस्थाओं का बारीकी से अवलोकन किया। दोनों नेताओं की एक साथ मौजूदगी को राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भाजपा के भीतर चल रही चर्चाओं के बीच इस तस्वीर ने कई तरह के संदेश दिए हैं।

पिछले कुछ समय से विधायक अरविंद पांडे और राज्य सरकार के बीच मतभेदों तथा सार्वजनिक बयानबाजी को लेकर चर्चाएं लगातार सुर्खियों में थीं। विपक्ष भी इन मतभेदों को लेकर भाजपा पर निशाना साधता रहा है। ऐसे समय में मुख्यमंत्री का स्वयं गदरपुर पहुंचकर अरविंद पांडे से मुलाकात करना भाजपा के भीतर एकजुटता और संगठनात्मक मजबूती का बड़ा संदेश माना जा रहा है।

जानकारी के अनुसार हाल ही में भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व के हस्तक्षेप के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट और विधायक अरविंद पांडे के बीच महत्वपूर्ण बैठक हुई थी। इस बैठक में सभी नेताओं ने पार्टी हित को सर्वोपरि बताते हुए मिलकर काम करने और आगामी चुनावों में संगठन को मजबूत बनाने का संकल्प लिया था। मुख्यमंत्री के गदरपुर दौरे से पहले भी भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने अरविंद पांडे से संपर्क साधा था। पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी भी गदरपुर पहुंचकर उनसे मुलाकात कर चुके हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री धामी का स्वयं उनके आवास पहुंचना राजनीतिक गलियारों में कई संकेत देता हुआ नजर आ रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए भाजपा किसी भी प्रकार के अंदरूनी मतभेदों को समाप्त करने और संगठन को मजबूत आधार देने में जुटी हुई है। पार्टी नेतृत्व यह सुनिश्चित करना चाहता है कि चुनावी मैदान में उतरने से पहले भाजपा पूरी तरह एकजुट दिखाई दे। मुख्यमंत्री धामी का यह दौरा उसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। मुख्यमंत्री धामी के इस दौरे के बाद प्रदेश की राजनीति में चर्चाओं का दौर और तेज हो गया है। राजनीतिक पर्यवेक्षक इसे केवल शिष्टाचार भेंट नहीं, बल्कि भाजपा की चुनावी रणनीति, संगठनात्मक एकजुटता और कार्यकर्ताओं में नया उत्साह भरने वाले कदम के रूप में देख रहे हैं।

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