उत्तराखंड में कल 53 परीक्षा केंद्रों पर होगी Re-NEET परीक्षा, 24 घंटे पहले धारा-163 लागू
रैबार डेस्क: देशभर में NEET का री-एग्जाम रविवार को आयोजित किया जाना है। देशभर में इसके लिए तैयारियां पुख्ता की जा रही हैं। वहीं उत्तराखंड में भी RE-NEET एग्जाम के लिए 10 जिलों में 53 परीक्षा केंद्र बनाये गए हैं। परीक्षा केंद्रों के आसपास तत्कार प्रभाव से धारा 163 लागू कर दी गई है।
उत्तराखंड में करीब 21000 से ज़्यादा बच्चे NEET का री-एग्जाम देंगे। पुनर्परीक्षा को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए देहरादून जिला प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर दायरे में धारा-163 लागू कर दी है। इसके अलावा अन्य जिलों में भी धारा 163 के प्रभावी कदम उठाए गए हैं। देहरादून जिले में सबसे ज्यादा 16 परीक्षा केंद्र होंगे जबकि हरिद्वार में 12, नैनीताल में 11 और ऊधम सिंह नगर में 5 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।
धारा 163 में ये पाबंदी
प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों के आसपास 24 घंटे पहले से धारा 163 लागू कर दी है। इसके तहत निर्धारित सभी परीक्षा केंद्रों के आसपास 200 मीटर की परिधि में लाउडस्पीकर, ध्वनि विस्तारक यंत्रों और अन्य शोर उत्पन्न करने वाले उपकरणों के प्रयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। प्रशासन का कहना है कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार का शोर, भीड़भाड़ या अव्यवस्था अभ्यर्थियों की एकाग्रता को प्रभावित कर सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए परीक्षा केंद्रों के आसपास विशेष प्रतिबंध लागू किए गए हैं।
आदेश के तहत परीक्षा केंद्रों के आसपास किसी भी व्यक्ति को अनावश्यक रूप से हथियार, लाठी, हॉकी स्टिक, तलवार, तेजधार वस्तुएं या विस्फोटक एवं बारूद से संबंधित सामग्री लेकर चलने की अनुमति नहीं होगी। साथ ही ईंट, पत्थर, डंडे या अन्य ऐसी वस्तुओं को एकत्र करने पर भी रोक लगाई गई है। परीक्षा केंद्रों के आसपास किसी भी प्रकार की नारेबाजी, सार्वजनिक घोषणाएं, लाउडस्पीकर का उपयोग, भड़काऊ भाषण, सांप्रदायिक भावना भड़काने वाले वक्तव्य तथा भ्रामक प्रचार-प्रसार पर भी प्रतिबंध लगाया है।
इसके अलावा सरकारी भवनों या सार्वजनिक संपत्तियों पर नारे लिखने अथवा किसी प्रकार की आपत्तिजनक गतिविधि करने की अनुमति नहीं होगी। परीक्षा केंद्रों के निकट किसी भी सार्वजनिक स्थान, चौराहे या अन्य जगहों पर पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने पर रोक रहेगी। बसों, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों, दोपहिया और चौपहिया वाहनों के जुलूस निकालने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। बिना पूर्व अनुमति किसी भी प्रकार की सार्वजनिक सभा, प्रदर्शन या जुलूस आयोजित नहीं किया जा सकेगा। यदि किसी के द्वारा आदेशों का उल्लंघन किया जाता है तो उसके विरुद्ध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा-223 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी
