मासूम से दरिंदगी करने वाला आरोपी बोला, जेल से छूटा तो फिर करूंगा दुष्कर्म, पहले भी किया बच्चे से दुष्कर्म
रैबार डेस्क: उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में पांच वर्षीय बच्ची के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में गिरफ्तार आरोपी को लेकर पुलिस जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। आरोपी को अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है। पूछताछ में उसने बेशर्मी से कहा कि अगर मैं जेल से छूटा तो फिर ऐसा गंदा काम करूंगा।
पुलिस के अनुसार आरोपी को 11 साल के एक बच्चे के साथ दुष्कर्म के आरोप में दोषी ठहराया जा चुका था। वह करीब 40 दिन पहले जमानत पर हरिद्वार जिला कारागार से रिहा हुआ था। अब पुलिस उसके आपराधिक व्यवहार, रिहाई के बाद की गतिविधियों और ट्रैवल हिस्ट्री की गहन जांच कर रही है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपने कृत्य पर कोई पछतावा नहीं दिखाया। अधिकारियों का कहना है कि उसने कथित तौर पर कहा कि उसका ध्यान हमेशा छोटे बच्चों की ओर जाता है और यदि भविष्य में दोबारा जेल से बाहर आया तो फिर ऐसा ही अपराध करेगा। आरोपी के इस कथित बयान ने जांच टीम को भी हैरान कर दिया। इसके बाद पुलिस उसके मानसिक और आपराधिक व्यवहार के पैटर्न का भी विश्लेषण कर रही है।
23 जून को पिथौरागढ़ कोतवाली में एक पिता ने शिकायत दर्ज कराई कि उनकी पांच वर्षीय बेटी दोपहर करीब एक बजे अचानक लापता हो गई है। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चार अलग-अलग टीमें गठित की गईं। पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिनमें एक अज्ञात व्यक्ति बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाता दिखाई दिया। लगातार तलाश के बाद पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज होने के करीब 08 घंटे के भीतर टनकपुर तिराहे के पास से बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया। बाद में मेडिकल जांच में उसके साथ दुष्कर्म की पुष्टि हुई।
जांच में सामने आया कि आरोपी ने बच्ची को बहला-फुसलाकर अपनी कमांडर जीप में बैठाया और उसे बिण क्षेत्र के जंगलों में ले गया। वहां उसने कथित तौर पर दुष्कर्म किया। इसके बाद वह बच्ची को बदहवास हालत में टनकपुर तिराहे के पास छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने घटना के लगभग 48 घंटे के भीतर 35 वर्षीय होशियार सिंह, निवासी रई धनौड़ा, पिथौरागढ़ को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 65(2), 115(2), 137(2), 351(3) तथा पॉक्सो अधिनियम की धारा 5/6 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
