2026-07-18

फिलहाल नहीं कटेंगे सातमोड़ के जंगल में 3 हजार पेड़, उत्तराखंड सरकार ने पेड़ कटान पर लगाई अस्थाई रोक

रैबार डेस्क: ऋषिकेश भनियावाला के बीच सड़क चौड़ीकरण के लिए तीन हजार पेड़ों को काटने पर फिलहाल रोक लग गई है। इस मामले के चौतरफा बवाल और मुख्यमंत्री के दखल के बाद सरकार ने फिलहाल पेड़ों क कटान पर रोक लगाई है। मुक्यमंत्री पुष्कर धामी का कहना है कि जब तक सभी पक्षों के साथ संतोषजनक सहमति एवं विश्वास का वातावरण नहीं बन जाता, तब तक इस परियोजना के अंतर्गत आने वाले पेड़ों का कटान स्थगित रखा जाएगा।

बता दें कि, ऋषिकेश भनियावाला हाइवे चौड़ीकरण के लिए सातमोड़ के जंगलों में 3000 से ज्यादा पेड़ों को काटा जानवा था। NHAI के इस प्रोजेक्ट को लेकर तीखा विरोध हो रहा था। पर्यावरण प्रेमियों और स्थानीय जनता के विरोध के बावजूद कई पेड़ों को काटा जा चुका है। लेकिन ये मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। देहरादून से लौटते वक्त लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी पेड़ कटान के खिलाफ आंदोलन कर रहे लोगों से मुलाकात की थी। लोगों ने इस मुद्दे को संसद में उठाने की मांग की थी। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिहं धामी ने बडा फैसला लिया है। सीएम धामी ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि…

देहरादून–ऋषिकेश फोर/सिक्स लेन परियोजना को लेकर पिछले कुछ दिनों से अनेक नागरिकों, पर्यावरण प्रेमियों एवं स्थानीय लोगों द्वारा व्यक्त की जा रही चिंताओं और सुझावों का मैंने गंभीरता से संज्ञान लिया है। यह परियोजना भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की एक महत्वपूर्ण अवसंरचना परियोजना है, जिस पर माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशों तथा सभी आवश्यक वैधानिक एवं पर्यावरणीय स्वीकृतियों एवं प्रक्रियाओं का पालन करते हुए कार्यवाही की जा रही थी।

परियोजना में वन्यजीव संरक्षण को ध्यान में रखते हुए लगभग 3.5 किलोमीटर लंबे हाथी अंडरपास तथा छोटे वन्यजीवों के आवागमन के लिए विशेष कल्वर्ट जैसी व्यवस्थाओं का भी प्रावधान किया गया है, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष एवं सड़क दुर्घटनाओं में वन्यजीवों की मृत्यु की घटनाओं में कमी लाने में सहायता मिलेगी, जो अक्सर इस रास्ते में देखा जाता है। विकास हमारे लिए आवश्यक है, लेकिन जनभावनाओं, पर्यावरण और स्थानीय हितों की अनदेखी कर कोई निर्णय नहीं लिया जाएगा। इसी उद्देश्य से प्रमुख सचिव एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी हितधारकों, स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों एवं विशेषज्ञों से पुनः विस्तृत संवाद स्थापित किया जाए।

सीएम ने कहा उच्च न्यायालय के निर्देशों एवं निर्णय का पूर्ण सम्मान करते हुए आगे की कार्यवाही की जाएगी। साथ ही, जब तक सभी पक्षों के साथ संतोषजनक सहमति एवं विश्वास का वातावरण नहीं बन जाता, तब तक इस परियोजना के अंतर्गत आने वाले पेड़ों का कटान स्थगित रखा जाएगा।

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