2026-09-18

अडानी पावर प्लांट, UIIDB मुद्दों पर कांग्रेस हमलावर, CM धामी बोले झूठ की राजनीति कर रही कांग्रेस

रैबार डेस्क: विधानसभा चुनावों की आहट के मद्देनजर उत्तराखंड में मुद्दों को भुनाने और आरोप प्रत्यारोप के दौर शुरू हो चुके हैं। कांग्रेस इन दिनों उत्तराखंड का कोयला परावर प्लांट अडाणी पावर को दिए जाने, UIIDB द्वारा 7000 बीघा जमीन एक्वायर करने जैसे मुद्दों पर सरकार को घेर रही है। वहीं मुख्यमंत्री पु,कर सिंह धामी ने इसे कांग्रेस का कोरा झूठ करार दिया है।

बता दें कि कांग्रेस ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने आरोप लगाया था कि धामी सरकार उत्तराखंड इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड इन्वेस्टमेंट डेवलपमेंट बोर्ड (UIIDB) के माध्यम से लगभग 7,000 बीघा बेशकीमती सरकारी जमीन निजी निवेशकों को सौंप रही है। हालांकि सरकार ने साफ किया कि ये आरोप बेबिनायद हैं। UIIDB को लैंड बैंक के रूप में केवल लगभग 288 बीघा जमीन ही हस्तांतरित की गई है।

इसी तरह कांग्रेस ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके आरोप लगाया कि उत्तराखंड सरकार ने सरकारी कंपनियों (UJVN और THDC) के प्रस्तावित संयुक्त उपक्रम प्रोजेक्ट को रद्द कर दिया। औरअदाणी पावर को फायदा पहुँचाने के लिए टेंडर  की 86 में से 84 शर्तों में बदलाव किए गए। इनमें प्लांट को उत्तराखंड के बाहर लगाने की अनुमति देना और ट्रांसमिशन लागत का बोझ जनता पर डालना शामिल है। हालांकि सरकार और अधिकारियों ने इन सभी आरोपों को खारिज कर दिया।

इन्हीं आरोपों पर मुख्यमंत्री धामी की प्रतिक्रिया सामने आई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस के आरोपों पर कहा कि उनके पास कोई मुद्दा नहीं है और जो भी मुद्दे कांग्रेस उठा रही है, वो भी झूठ की बुनियाद पर खड़े हैं और झूठ की तरह धड़ाम भी हो जाते हैं। कांग्रेस पार्टी मुद्दाविहीन हो चुकी है और अब अपनी बची-खुची साख बचाने के लिए झूठ की राजनीति का सहारा ले रही है। हल्द्वानी में जातिगत आरोपों का मामला हो, UIIDB को लेकर फैलाया गया भ्रम हो या अब ऊर्जा करार से जुड़े प्रकरण में सामने आया तथ्य, हर बार कांग्रेस के झूठ का पर्दाफाश हुआ है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि हल्द्वानी में भी कांग्रेस ने दलित नैरेटिव बनाने का काम किया था, लेकिन कांग्रेस का वो नैरेटिव भी काम नहीं कर पाया इससे पता चलता है कि कांग्रेस वोटों के लिए किस निम्न स्तर की राजनीति कर रही है। सीएम धामी ने कहा कि UIIDB  का उद्देश्य प्रदेश में रोजगार, निवेश लाना, पर्यटन बढ़ाना और नई नई संभावनाओं को तलाशना है। भारत सरकार और नीति आयोग का एक प्रोसीजर है, जिसको आगे बढ़ाया गया है। कांग्रेस सात हजार बीघा जमीन की बात कर रही है, लेकिन अभी तक 45 एकड़ जमीन भी UIIDB को नहीं मिली है, इसमें भी कांग्रेस के झूठ का उजागर हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के समय में साल 2014-15 में दो कंपनियों के साथ जो ऊर्जा का करार हुआ था, उसको आज उत्तराखंड भुगत रहा है। क्योंकि उत्तराखंड को 31 और 32 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीदनी पड़ रही है। जबकि अभी जो सौदा हुआ है, वो यहां कि दीर्घकालिक आवश्यकताओं को देखते हुए किया गया है। ताकि सबसे सस्ती बिजली उत्तराखंड को मिलेगी। यह सब भी एक एक प्रक्रिया के तहत हुआ है, जिसमें कोई गड़बड़ी नहीं है.। छत्तीसगढ़ में उत्तराखंड का कोल पावर प्लांट राज्य के लिहाज से दूरगामी हितों के लिए लिया गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास कोई मुद्दे नहीं हैं और वो बौखलाए हुए हैं। कांग्रेस को उत्तराखंड में पैर रखने के लिए कोई जगह नहीं मिल रही है, इसीलिए वो प्रेस कॉन्फ्रेस भी दिल्ली में करते हैं।

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