चंपावत: सेना में नौकरी दिलाने का झांसा देकर करते थे युवाओं से ठगी, दो आरोपी गिरफ्तार
रैबार डेस्क: चंपावत में सेना में भर्ती कराने के नाम पर बेरोजगार युवाओं से लाखों रुपए ठगने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। आर्मी इंटेलिजेंस की सूचना पर पुलिस की एसओजी टीम ने गिरोह के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से फर्जी नियुक्ति पत्र, मिलिट्री इंजीनियर सर्विसेज (MES) के फर्जी स्टांप, कूट रचित दस्तावेज, मोबाइल फोन और स्कूटी बरामद हुई है।
दरअसल 28 सितंबर को टनकपुर निवासी गुरु शरण सिंह ने थाना बनबसा में नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी को लेकर एक शिकायत दर्ज कराई थी।जिस पर पुलिस ने धारा 318(4) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मुकदमा दर्ज किया। शिकायत के मुताबिक, आरोपी धीरज सक्सेना और उसके साथी गणेश बहादुर ने मिलिट्री इंजीनियर सर्विसेज में नौकरी दिलाने का झांसा देकर पीड़ित से 5 हजार रुपए नकद और 1.40 लाख रुपए यूपीआई (UPI) के माध्यम से लिए। 28 सितंबर को धीरज सक्सेना ने पीड़ित को नियुक्ति पत्र देने और बायोमेट्रिक कराने के नाम पर कमल पथ आर्मी एरिया (बनबसा) के पास बुलाया।
मके पर पहुंचने पर पीड़ित को कई अन्य लोग भी मिले, जिन्हें कथित तौर पर इसी तरह एमईएस (MES) में नौकरी दिलाने का झांसा देकर फर्जी नियुक्ति पत्र दिए गए थे। इनमें खटीमा की सोनिया जोशी, कविता जोशी, राजस्थान के उमेश भारद्वाज और धारा सिंह बैरवा समेत अन्य लोग शामिल बताए गए हैं। बनबसा पुलिस के मुताबिक, मौके से धीरज सक्सेना अपने साथी गणेश बहादुर के साथ स्कूटी से फरार हो गया। एसओजी टीम आरोपियों की तलाश में जुटी थी। टीम ने देर रात कार्रवाई करते हुए धीरज सक्सेना को स्कूटी संख्या UK 07 AC 3133 के साथ गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से करीब 35 लोगों के जॉइनिंग लेटर, एमईएस के स्टांप, स्टांप पैड, मोबाइल फोन और कूट रचित दस्तावेज बरामद हुए हैं जबकि दूसरे आरोपी गणेश बहादुर को 11 लोगों की फाइलों में नियुक्ति पत्र व अन्य दस्तावेज, मेडिकल प्रमाण पत्र और मोबाइल फोन के साथ गिरफ्तार किया गया है। पुलिस जांच में आरोपी धीरज सक्सेना के मोबाइल फोन में लाखों रुपए के लेन-देन की जानकारी सामने आने की बात कही गई है
गिरफ्तार आरोपियों के नाम-
धीरज सक्सेना पुत्र सुभाष चंद्र सक्सेना, निवासी- ग्राम भजनपुर, थाना बनबसा, चंपावत
गणेश बहादुर पुत्र लाल बहादुर, निवासी- ग्वाल गांव, थाना धारचूला, पिथौरागढ़
