चुनाव से पहले फिर बाहर आया डेमोग्राफिक चेंज और मुस्लिम यूनिवर्सिटी का जिन, बीजेपी-कांग्रेस आमने सामने
रैबार डेस्क: 2027 के चुनाव से पहले मुस्लिम यूनिवर्सिटी का जिन एक बार फिर बोतल से बाहर आ गया है। 2004 में सहसपुर के धौलास में शेखुल हिंद एजुकेशन चैरिटेबल ट्रस्ट को दी गई जमीन पर अवैध प्लॉटिंग का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। भाजपा जहां इसे कांग्रेस की डेमोग्राफी बदलने की साजिश करार दे रही है, वहीं कांग्रेस पलटवार करते हुए पूछ रही है कि प्रदेश के जमीनी मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए जमीन का मुद्दा क्यों उछाला जा रहा है
इस मामले पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जांच बिठा दी है औऱ जिला प्रशासन से जांच रिपोर्ट मांगी है। सीएम धामी ने कहा कि ये बहुत पहले का प्रकरण है…हमने इसकी जांच के आदेश दिए हैं। अगर नियमों के खिलाफ जाकर इसमें खरीद फरोख्त की गई है। निश्चित रूप से हम कार्रवाई करेंगे और इस जमीन को सरकार में निहित करेंगे। सीएम धामी कहा कि उत्तराखंड में इस तरह के प्रयास डेमोग्राफी चेंज की साजिश हैं, जिसे किसी कीमत पर सफल नहीं होने दिया जाएगा। पूरे प्रकरण की सघन जांच की जा रही है।
उधर इस मामले पर भाजपा ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि इस जमीन को तत्काल सरकार में निहित किया जाए। पार्टी प्रवक्ता विनोद चमोली ने इस भूमि को मुस्लिम यूनिवर्सिटी खोलने की मंशा रखने वालों की साजिश का हिस्सा बताया। चमोली ने कहा कि, क्योंकि यह समूचा क्षेत्र बेहद संवेदनशील आईएमए परिसर से लगा हुआ है और उसकी सुरक्षा को खतरा है। तब भी सेना द्वारा इसको लेकर आपत्ति दर्ज कराई गई थी, लेकिन कांग्रेस सरकारों ने नजरअंदाज करते हुए आवंटन कैंसिल नहीं किया। आज पुनः स्थिति स्पष्ट होने के बाद, उन्होंने सरकार से तुरंत संज्ञान में लेते हुए भूमि आवंटन निरस्त करने का आग्रह किया है।
वहीं इस मामले पर कांग्रेस से भी एक सुर में प्रतिक्रिया आई है। कांग्रेस चुनाव प्रबंधन समिति के हेड औऱ पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत मुस्लिम यूनिवर्सिटी के मुद्दे पर भाजपा को घेरते नजर आए। हरक ने कहा कि बीजेपी का ये हथकंडा 2022 में भी फ्लॉप रहा था, मुस्लिम यूनिवर्सिटी का राग बीजेपी ने 2022 में भी छेड़ा था…अब फिर ये फुस्स कारतूस छोड़ा है। 2004 में सरकारने किसी ट्रस्ट को अच्छे कार्यों के लिए जमीन दी थी, लेकन उसमें गड़बड़ी हुई है तो इसमें भाजपा की सरकारें भी दोषी हैं। उन्होंने समय रहते जांच क्यों नहीं की। हरक ने ये भी कहा कि भाजपा हिंदू मुस्लिम तो करवाती है और उसके ही लोग हिंदुओं पर आतंकियों कीतरह जुल्म ढहा रहे हैं।
उधर मुस्लिम यूनिवर्सिटी को लेकर हमेशा निशान पर रहे पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि भाजपा को मुस्लिम यूनिवर्सिटी का ताबीज बनाकर के अपने गले में टांग लेना चाहिए, ताकि जनता के चुभते हुए सवालों से उनकी रक्षा हो सके। हरद ने सवाल उठाया कि वर्ष 2004 से अभी-अभी तक भाजपा कई कई बार सत्ता में आ चुकी है। यदि धौलास में कुछ गलत है तो 2004 से 2026 तक भाजपा चुप क्यों रही? आज भी जो प्लाटिंग हुई है, वह भी भाजपा की सरकार की अनुमति से ही हुई होगी। मंहगाई, बिजली की बढ़ती हुई दरें, हर काम में भ्रष्टाचार, बढ़ती हुई बेरोजगारी, महिलाओं पर बढ़ता अत्याचार व दूराचार, विकास के नाम पर ठगी, सड़कों में गड्ढे, राज्य के अस्तित्व के लिए सवालिया बनता जा रहा पलायन, पहाड़ों में भालू, सूअर, गुलदार के साथ मरते लोग और मैदान में हाथी और डंपर के नीचे कुचले जा रही आत्माओं से रक्षा के लिए भाजपा को केवल मुसलमान मंत्र याद आ रहा है। अच्छा हो इसका गंडा या ताबीज बनाकर अपने गले में टांग लें।

पार्टी के सीनियर नेता प्रीतम सिंह ने भी भाजपा पर हमला करते हुए कहा कि धामी सरकार हर मोर्चे पर पूरी तरह विफल हो चुकी है। महिला अपराध बेलगाम हैं, बेरोजगार युवा सड़कों पर हैं, विभाग भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं, किसान आत्महत्या को मजबूर हैं। इन ज्वलंत मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए भाजपा एक बार फिर 2022 की तरह “धार्मिक ध्रुवीकरण ” का झूठा और सांप्रदायिक राग अलाप रही है। प्रीतम सिंह ने पूछा कि भाजपा यह बताए कि किस सरकारी आदेश में यह लिखा है कि भूमि किसी “मुस्लिम यूनिवर्सिटी” के लिए दी गई थी।
क्या था मामला
दरअसल साल 2004 में सरकार ने डॉ. महमूद मदनी के शेखुल हिंद एजुकेशन चैरिटेबल ट्रस्ट के नाम सहसपुर के पास धौलास की 103 बीघा यानि 20 एकड़ जमीन दी थी। इस जमीन पर कोई बड़ा मदरसा या यूनिवर्सिची प्रस्तावित थी, लेकिन आईएमए ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए इस पर आपत्ति जताई थी। बाद में ये मामला हाईकोर्ट गया था, हाईकोर्ट ने साफ किया कि यहां लैंड यूज नहीं बदला जा सकता। लेकिन 2022 के बाद इस जमीन पर धड़ल्ले से प्लॉटिंग हो रही है।
भाजपा आरोप लगा रही है कि कांग्रेस यहां मुस्लिम यूनिवर्सिटी बनाना चाहती थी, अब यहां खास समुदाय को बसाकर प्लॉटिंग करवाकर, डेमोग्राफी बिगाड़ना चाहती है।
