देशभर में छा गया दीपक मोहम्मद, नहीं बदलेगा दुकान का नाम, दोनों पक्षों के खिलाफ मुकदमें दर्ज
रैबार डेस्क: पौड़ी जनपद के कोटद्वार में 26 जनवरी को हुआ मामूली विवाद अब नेशनल इंटरनेशनल मीडिया की सुर्खियां बन चुका है। बजरंग दल की आक्रामकता के चलते मुसलमान पड़ोसी की दुकान बचाने के लिए हिंदू दीपक चट्टान की तरह नफरत के आगे खड़ा हो गया। अघले हीदिन इस विवाद ने सांप्रदायिक रंग ले लिया। फिलहाल हालात तनावपूर्ण बने हुए है। पुलिस ने कोटद्वार की सीमाएं सील करते हुए चौकसी बरत रही है।
इस घटनाक्रम को लेकर स्थानीय जिम संचालक दीपक कुमार और उसके साथी विजय रावत के खिलाफ गाली-गलौज करने, जाति-सूचक शब्दों का प्रयोग करने तथा जान से मारने की नीयत से हमला करने के आरोप में भारतीय न्याय संहिता की धारा 115(2), 191(1), 351(2) एवं 352 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया है। जबकि पटेल मार्ग स्थित बाबा ड्रेस की दुकान पर प्रदर्शन करने और अगले दिन भारी हंगामा करने के आरोप मे बजरंग दल से जुड़े 30-40 लोगों के खिलाफ भी अलग अलग धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
उधर पुलिस ने साफ किया है कि अब न तो किसी दुकान का नाम बदला जाएगा और न ही किसी बाहरी संगठन को कोटद्वार में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। फिलहाल पूरे शहर में चप्पे चप्पे पर पुलिस तैनात है। बाहर से आने वालों पर कड़ नजर रखी जा रही है।
ये था मामला
269 जनवरी को बजरंग दल से जुड़े कुछ लसोग बाबा कलेक्शन नाम की दुकान पर पहुंचे और दुकान मालिक पर नाम बदलने का दबाव बनाने लगे। इस बीच पड़ोस में जिम ट्रेनर दीपक वहां आया और बजरंग दल के सामने डटकर खड़ा हो गया। दीपक ने बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के सामने जोर देकर कहा कि दुकान का नाम नहीं बदला जाएगा। इस दौरान दीपक ने अपना नाम दीपक मोहम्मद बताया। दीपक का ये एक्शन देशभर में सुर्खियां बटोर रहा है।
हालांकि अगले ही दिन बजरंग दल के सैकड़ों लोग कोटद्वार पहुंचे औऱ दीपक के जिम के आगे प्रदर्शन किया। इस दौरान दोनों पक्षों में टकराव को किसी तरह से टाला जा सका।
राहुल गांधी ने कहा दीपक बरब्बर शेर है
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने फेसबुक पर लिखा है, उत्तराखंड के दीपक भारत के हीरो हैं। दीपक संविधान और इंसानियत के लिए लड़ रहे हैं – उस संविधान के लिए जिसे BJP और संघ परिवार रोज़ रौंदने की साज़िश कर रहे हैं। वे नफ़रत के बाज़ार में मोहब्बत की दुकान का जीवित प्रतीक हैं और यही बात सत्ता को सबसे ज़्यादा चुभती है।
संघ परिवार जानबूझकर देश में आर्थिक और सामाजिक ज़हर घोल रहा है, ताकि भारत बँटा रहे और कुछ लोग डर के सहारे राज करते रहें। उत्तराखंड की BJP सरकार खुलेआम उन असामाजिक ताक़तों का साथ दे रही है जो आम नागरिकों को डराने और परेशान करने में लगी हैं। नफ़रत, डर और अराजकता के माहौल में कोई भी देश आगे नहीं बढ़ सकता। शांति के बिना विकास सिर्फ़ एक जुमला है। हमें और दीपकों की ज़रूरत है – जो झुकें नहीं, जो डरें नहीं, और जो पूरी ताक़त से संविधान के साथ खड़े रहें। हम तुम्हारे साथ हैं भाई। डरो मत।
