लो अब नकली किताबों से भी लग रहा चूना, रुद्रपुर में 11 करोड़ की 11.30 लाख नकली किताबें बरामद
रैबार डेस्क: 1 अप्रैल से नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने वाला है। इस बीच घोटाला करने वालों ने यहां भी मुनाफाखोरी और कालाबाजारी का अवसर तलाश लिया है। रुद्रपुर एक गोदाम में NCERT की करीब 11 लाख 30 हजार नकली किताबें बरामद की गई हैं, जिनकी कीमत लगभग 11 करोड़ रुपये आंकी गई है। सूचना मिलने के बाद दिल्ली से एनसीईआरटी की टीम मौके पर पहुंची और जांच के दौरान इन किताबों को पहली नजर में नकली बताया है। फिलहाल पुलिस, प्रशासन और शिक्षा विभाग पूरे मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं। इतनी बड़ी संख्या में नकली किताबों के मिलने पर किसी बड़े गिरोह की आशंका भी जताई जा रही है

दरअसल 14 मार्च को को किरतपुर क्षेत्र में स्थित एक गोदाम में भारी मात्रा में किताबें होने की सूचना मिली थी। इसके बाद प्रशासन ने 15 मार्च की सुबह गोदाम का ताला तोड़कर जांच शुरू की, पुलिस और प्रशासन की टीम ने मौके पर मौजूद किताबों की गिनती कराई, जिसमें लगभग 11 लाख 30 हजार किताबें बरामद हुईं। इन किताबों की अनुमानित कीमत करीब 11 करोड़ रुपये बताई जा रही है। नकली किताबों की जानकारी मिलते ही दिल्ली से एनसीईआरटी की एक विशेष टीम रुद्रपुर पहुंची। पहली नजर में इस टीम ने भी किताबों को नकली बताया है। टीम के मुताबिक एनसीईआरटी किताबों की प्रिंटिंग तय गुणवत्ता मानकों के आधार पर केवल आईएसओ प्रमाणित प्रिंटिंग प्रेस में कराई जाती है। बरामद किताबों में इस्तेमाल की गयी इंक और प्रिंटिंग क्वालिटी स्थानीय स्तर की लग रही है। कुछ लोग मुनाफाखोरी के लालच में नकली किताबें छापकर बाजार में सप्लाई करने की कोशिश करते हैं।
एनसीईआरटी टीम ने बरामद किताबों के नमूने लेकर उन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। साथ ही कुछ सैंपल दिल्ली स्थित एनसीईआरटी मुख्यालय भी जांच के लिए भेजे जाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि शिक्षा विभाग और केंद्र सरकार इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
