2026-01-08

अंकिता भंडारी हत्याकांड: VIP का खुलासा करने वाली उर्मिला पहुंच रही देहरादून, सुरेश राठौर को कोर्ट से मिली राहत

रैबार डेस्क : अंकिता भंडारी हत्याकांड में वीआईपी के नाम के खुलासे के बाद सियासी हलकों में हलचल मची है। आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएग., वो अंकिता के पिता से बात करेंगे औऱ बेटी को न्याय दिलाने के लिए जिस भी तरह की जांच की जरूरत होगी, उसकी पैरवी की जाएगी। उधर वीआईपी का खुलास करने वाली उर्मिला सनावर ने घोषणा की है कि वो जांच में सहयोग करने के लिए पुलिस के पास देहरादून पहुंच रही है। वहीं पूर्व विधायक सुरेश राठौर ने गिरफ्तारी से बचने के लिए कोर्ट का रास्ता अपनाया। कोर्ट ने बीजेपी के पूर्व विधायक सुरेश राठौर को फिलहाल बड़ी राहत देते हुए गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने इस मामले में आरती गौड़ और धर्मेंद्र कुमार को नोटिस जारी करते हुए चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।

दरअसल, सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर के खिलाफ कुल चार एफआईआर दर्ज हैं, जिनमें से दो मामलों में हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा दी है।. सुरेश राठौर ने इन एफआईआर को निरस्त करने की मांग को लेकर नैनीताल हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने प्रथम दृष्टया मामले को सुनने योग्य मानते हुए यह राहत दी है। कोर्ट ने साफ किया है कि अगली सुनवाई तक याचिकाकर्ता के खिलाफ किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।

उर्मिला आ रही उत्तराखंड

उधर अंकिता भंडारी केस में वीआईपी का खुलासा करने वाली उर्मिला सनावर ने कई दिनों बाद फेसबुक पर पोस्ट की है। उर्मिला ने लिखा है मैं अंकिता भंडारी हत्याकांड केस में SIT  जांच में सहयोग करने के लिए देहरादून, उत्तराखंड आ रही हूं। उर्मिला ने लिखा है कि  मुझे प्रशासन ने मेरी पूरी सुरक्षा का आश्वासन दिया है। बद्री विशाल मुझे अपना आशीर्वाद दें, मैं अंकिता भंडारी बेटी को पूर्ण न्याय दिला सकूं। इससे पहले उर्मिला ने एक वीडियो जारी किया जिसमें वो अपने मोबाइल की स्क्रीन रिकॉर्ड करके वीडियो बना रही हैं। उसमें सुरेश राठौर और उनके बीच किस तारीख को बातचीत की रिकॉटर्डिंग की गई है, उसका जिक्र है। इसस पहले उर्मिला ने फेसबुक पर लिखा था कि असुरों का नाश करने के लिए देवी को भी 9 महीने गर्भ जून में छुप कर रहना पड़ा था मैं 9 दिन के बाद अपने गर्भ जोन से बाहर आ रही हूं अपनी जान को बचाकर ,सबूतों के साथ अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने। जय भवानी आ रही हूं उत्तराखंड SIT जांच के लिए।  उम्मीद करती हूं शासन प्रशासन से ,अंकिता भंडारी मेरे से प्राप्त सबूतों के साथ कोई छेड़छाड़ ना करे।

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