बद्रीनाथ में चढ़ावा चोरी का मामला: सस्पेंड BKTC कार्मिक के खिलाफ FIR दर्ज, कमिश्नर करेंगे जांच
रैबार डेस्क: बदरीनाथ धाम में चढ़ावे की धनराशि से जुड़ी कथित अनियमितताओं के मामले ने सख्त रुख अपनाया है। बीकेटीसी अध्यक्ष कार्यालय में तैनात व्यक्तिगत सहायक प्रमोद नौटियाल के खिलाफ बदरीनाथ थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इससे पहले समिति उन्हें निलंबित कर विभागीय जांच भी शुरू कर चुकी है। मुख्यमंत्री पुष्कर धामी के निर्देश पर मामले की गहन जांच के लिए आयुक्त गढ़वाल आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है।
बीकेटीसी के मंदिर अधिकारी युद्धवीर पुष्पवाण की लिखित तहरीर पर 8 जुलाई 2026 को थाना बदरीनाथ में एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 306 और 316(5) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। सरकार ने श्री बद्रीनाथ मंदिर में दान -चढ़ावे को लेकर अनियमितता की शिकायत पर गठित उच्च स्तरीय समिति में अध्यक्ष आयुक्त गढ़वाल मंडल के साथ प्रबंध निदेशक, एनएचएम संदीप तिवारी तथा कार्यालय महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के निदेशक (वित्त) जगत सिंह चौहान को सदस्य के रूप में शामिल किए गए हैं।
सचिव पर्यटन धीराज सिंह गर्ब्याल द्वारा जारी आदेश के अनुसार समिति मंदिर में प्राप्त होने वाले दान-चढ़ावे से संबंधित कथित अनियमितताओं की विस्तृत जांच करेगी तथा 15 दिनों के भीतर अपनी जांच आख्या एवं संस्तुतियां शासन को प्रस्तुत करेगी। जांच के दौरान आवश्यकता पड़ने पर समिति किसी भी अधिकारी, विशेषज्ञ अथवा अन्य संबंधित व्यक्ति का सहयोग एवं परामर्श प्राप्त कर सकेगी। साथ ही समिति दान-चढ़ावे के प्रबंधन तंत्र को अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी एवं प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक सुधारात्मक उपायों एवं सुझावों से भी शासन को अवगत कराएगी।
दूसरी तरफ, श्री बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति ने अध्यक्ष कार्यालय में तैनात व्यक्तिगत सहायक प्रमोद नौटियाल के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई की है। पदीय दायित्वों के निर्वहन में प्रथम दृष्टया गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आने पर 03 जुलाई 2026 को नौटियाल को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। जांच समिति की प्रारंभिक आख्या का परीक्षण करने पर आरोप प्रथम दृष्टया पुष्ट पाए गए। प्रारंभिक जांच में यह उल्लेख किया गया कि संबंधित कार्मिक द्वारा सुबह लगभग 9 बजे से 9:30 बजे के बीच मंदिर की धनराशि कथित रूप से अनधिकृत तरीके से उठाई गई। इसी आधार पर समिति ने आगे की कार्रवाई की।
जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की थी। समिति ने यह भी माना कि कर्मचारी को वर्तमान पद पर बनाए रखने से जांच प्रभावित होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इन्हीं तथ्यों को दृष्टिगत रखते हुए जांच की निष्पक्षता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई है।



