2026-11-05

पौड़ी: DFO का घेराव करने के मामले में विनोद दनोशी समेत ग्रामीणों पर मुकदमा दर्ज, वनकर्मयों ने किया कार्य बहिष्कार

रैबार डेस्क: गुलदार के आतंक से पौड़ी जिला मुख्यालय से सटे गांव हलकान हैं। वन विभाग जवाबदेही तय करने में भले सोया रहा हो, लेकिन मुकदमे दर्ज करने में अव्वल दिखता है। खांड्यूसैंण में गुलदार के हमले में पांच वर्षीय बच्ची की मौत का मामला अब मुकदमों में फंस गया है। बुधवार को घटना के बाद खांड्यूसैंण में जोरदार प्रदर्शन हुआ था। आक्रोशित लोगों ने डीएफओ महातिम यादव का घेराव किया था। लेकिन इसी घटना को लेकर डीएफओ और वन विभाग के कर्मचारियों ने कांग्रेस नेता विनोद दनोशी और स्थानीय ग्रामीणों पर धक्का मुक्की और मारपीट के आरोप में विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है।

3 नवंबर को खांड्यूसैंण कस्बे में गुलदार ने चार साल की मासूम आरुषि पर हमला कर उसे मार डाला था। आक्रोशित लोगों बुधवार को पौड़ी- देवप्रयाग राज्य राजमार्ग को जाम कर धरना प्रदर्शन किया था। लोगों के आक्रोश को देखते हुए डीएफओ और विभागीय टीम मौके पर पहुंची थी। डीएफओ की ओर से आरोप लगाया गया कि विनोद दनोसी व अन्य लोगों ने उनके साथ मारपीट की जबकि एसडीओ आयशा बिष्ट को एक दुकान में बंद कर बंधक बनाया। दोनों अधिकारियों ने कोतवाली में तहरीर दी है। सीओ सदर तपेश कुमार चंद ने बताया कि मामले में धारा 121, 127, 132 और 191 के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। जांच एसआई प्रवीण रावत को सौंपी गई है।

उधर मुकदमा दर्ज करने पर विनोद दनोशी ने डीएफओ को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि ये वनविभाग की नौटंकी है। विभाग रंगारंग कार्यक्रमों में व्यस्त रहता है, डीएफओ डांस करने में मस्त रहते हैं और इस बीच पौड़ी के आसपास के गांवों गुलदार के हमलों से 12 मौतें हो चुकी हैं। इससे जाहिर होता है कि वन विभाग कितना संवेदनशील है। विनोद दनोशी ने कहा कि डीएफओ को किसी ने भी धक्का नहीं मारा बल्कि खुद ही नीचे गिरने का नाटक किया ताकि ये दिखे कि पब्लिक उनको मार रही है। उनके शरीर पर अगर कोई खंरोंच तक भी आई हो तो उसकी मेडिकल रिपोर्ट जारी करें। दनोशी ने कहा कि उन्होंने वन्यजीवों के हमलों को लेकर जनता की आवाज उठाई थी, लेकिन इसके चलते उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया गया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज उठाना सभी का अधिकार है। उनके खिलाफ चाहे कितने भी मुकदमे दर्ज हों, वह जनहित के मुद्दों को लगातार उठाते रहेंगे

वनकर्मियों की कार्य बहिष्कार की धमकी

उधर इस घटना के बाद पौड़ी में वन विभाग के कार्मिकों ने काली पट्ट बांधकर कार्य बहिष्कार किया।  कर्मचारियों ने प्रशासन को 18 नवंबर तक कार्यवाही करने की चेतावनी दी है और कहा है कि उसके बाद समग्र रूप से कार्य बहिष्कार किया जाएगा।

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