चैलेंज किया स्वीकार,गणेश करते रहे इंतजार, नहीं आए द्विवेदी, गोदियाल का पलटवार, नौटियाल को गणना कक्ष में किसने भेजा?
रैबार डेस्क: बद्रीनाथ चढ़ावा चोरी मामले में बीकेटीसी कर्मचारी की गिरफ्तारी के बाद आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है। समिति के मौजूदा अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने आरोप लगाए थे कि उस कर्मचारी की नियुक्ति गणेश गोदियाल के अध्यक्ष रहते हुए की गई थी, जिस पर गोदियाल न भी पलटवार किया है। द्विवेदी ने गोदियाल से कहा था कि वे इस मुद्दे पर उनसे खुली बहस कर लें। जिस पर गोदियाल ने आज प्रेस क्लब में बहस के लिए द्विवेदी को भी न्योता दिया था, लेकिन द्विवेदी नहीं आए। इस दौरान गोदियाल ने द्विवेदी पर पलॉवार करत हुए कहा कि गणना कक्ष में आऱोपी कर्मचारी की नौकरी किसने लगाई, उसे कौन बद्रीनाथ लेकर गया, इन सवालों का जवाब मौजूदा बीकेटीसी अध्यक्ष को देना चाहिए।
नौटियाल की नियुक्ति से लेना देना नहीं
प्रमोद नौटियाल की नियुक्ति 2003 में हुई थी, 2010 में बीकेटीसी के 32 कर्मचारियों के पद के साथ नियमितीकरण का प्रस्ताव भाजपा सरकार में आया था, उनमें प्रमोद नौटियाल का नाम भी था। लेकिन भाजपा सरकार नियमित भी नही कर पाई। 2014 में हमारी सरकार में ये 32 लोग नियमित किए गए। गोदियाल ने कहा कि ये प्रस्ताव 2010 का था लेकिन 2014 में नियमित हुआ। गोदियाल ने सवाल ऑया कि कोई व्यक्ति अगर समय के साथ अयोग्य हो जाए क्या उसके माता पिता को दोषी माना जाएगा? गोदियाल ने साफ किया कि प्रमोद नौटियाल की नियुक्ति से मोरा कोई लेना देना नहीं है। बीजेपी को लोग 9 साल से सोए हुए हैं।
गोदियाल ने ये भी कहा कि 2010 में ये प्रस्ताव शासन से आया था, उसी में नौटियाल के नाम के आगे वैयक्तिक सहायक का पद मेंशन था जो शासन से स्वीकृत हुआ था। 2014 में समिति के अध्यक्ष औऱ सीईओ के हस्ताक्षर से इन पदों पर कर्मचारियों का नियमितीकरण हुआ। इसलिए ये कहना कि प्रमोद नौटियाल को गोदियाल ने वैयक्तिक सहायक पद पर नियमित किया, सरासर गलत है।
गोदियाल ने आरोप लगाया कि कोई अध्यक्ष वैयक्तिक सहायक को अपने साथ बदरीनाथ नहीं ले जाता, लेकिन हेमंत द्विवेदी पहली बार वैयक्तिक सहायक को अपने साथ बदरीनाथ ले गए। उसकी ड्यूटी गणना कक्ष में क्यों लगाई गई, अध्यक्ष से जुड़ा कोई व्यक्ति गणना कक्ष में नहीं जाता, मौजूदा अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी को इन सवालों का जवाब देना चाहिए।
