हंस फाउंडेशन ने वन विभाग और स्कूली बच्चों के साथ मनाया हरेला पर्व, अल्मोड़ा में व्यापक वृक्षारोपण
रैबार डेस्क: हरेला वन महोत्सव 2026 के अवसर पर गुरुवार को द हंस फाउंडेशन ने वन विभाग औऱ स्कूली बच्चों के सहयोग से व्य़ापक वृक्षारोपण अभियान और वनाग्नि प्रबंधन जागरुकता अभियान चलाया। कार्यक्रम का उद्देश्य हरेला पर्व के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश देना, वनों के प्रति लोगों को जागरूक करना तथा वन अग्नि की रोकथाम के साथ हरित आवरण को बढ़ावा देना रहा। इस अवसर पर द हंस फाउंडेशन के वन अग्नि शमन परियोजना से जुड़े फायर फाइटरों, स्थानीय ग्रामीणों, छात्र-छात्राओं तथा वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
प्रतिभागियों ने बांज, उतीस एवं पदम सहित विभिन्न स्थानीय एवं पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण प्रजातियों के पौधों का रोपण किया। साथ ही सभी ने लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल एवं संरक्षण का संकल्प भी लिया, ताकि भविष्य में ये पौधे विकसित होकर क्षेत्र के पर्यावरण संतुलन को मजबूत बना सकें। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि हरेला केवल एक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी का प्रतीक है। अधिक से अधिक पौधे लगाकर उनका संरक्षण करना ही पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सबसे प्रभावी कदम है। उन्होंने लोगों से वर्षा ऋतु में अधिकाधिक पौधारोपण करने और वनाग्नि की घटनाओं को रोकने में सक्रिय सहयोग देने की अपील की।
इस अवसर पर वन दरोगा लोद अनुभाग, वन बीट अधिकारी, द हंस फाउंडेशन से कैलाश भेटारी, विद्यालयों के शिक्षक ललित भाकुनी, आशा पांडे, कमला गोस्वामी , शंकर बोरा छात्र-छात्राएं तथा बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन पर्यावरण संरक्षण एवं हरित उत्तराखंड के संकल्प के साथ हुआ।


