भाजपा में संगठन बनाम सरकार? कैबिनेट मंत्री के विरोध के बाद चकराता के 60 कार्यकर्ताओं की ज्वाइनिंग टली
रैबार डेस्क: चुनावी बेला नजदीक आते ही भारतीय जनता पार्टी में दो नेताओं का ईगो अब संगठन बनाम सरकार का टकराव बनता जा रहा है। सोमवार को कांग्रेस पृष्ठभूमि से आए 60 कार्यकर्ता बीजेपी मे शामिल होने देहरादून पार्टी मुख्यालय आए थे, लेकिन कैबिनेट मंत्री खजानदास ने वीटो लगाते हुए इन लोगों की ज्वाइनिंग टाल दी। लिहाजा कार्यकर्ताओं को बैरंग ही लौटना पड़ा।
दरअसल विकासनगर विधायक मुन्ना सिंह चौहान की पत्नी और जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुकी मधु चौहान ने आरोप लगाया था कि चकराता क्षेत्र की अनुसूचित जाति और जनजाति (SC-ST) से जुड़ी करीब 9 करोड़ रुपये की कल्याणकारी योजनाओं में संगठन के समर्पित कार्यकर्ताओं के प्रस्तावों की अनदेखी की गई है। मधु चौहान के मुताबिक इस बात को लेकर उनके कार्यकर्ताओं में रोष है, उनका आरोप है कि इस योजनाओं में फंड को डायवर्ट किया गया और विरोधी दलों से जुड़े लोगों को प्राथमिकता दी गई है।
कार्यकर्ताओं का आरोप है कि समाज कल्याण विभाग की इन योजनाओं में बड़े स्तर पर कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार हुआ। इस मामले को लेकर कैबिनेट मंत्री से बातचीत भी की, लेकिन उनकी शिकायतों का समाधान नहीं हुआ। इसके बाद कार्यकर्ताओं का आक्रोश खुलकर सामने आया और उन्होंने मंत्री के सरकारी आवास के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। आरोपों के बाद कैबिनेट मंत्री खजान दास का जवाब भी बेहद तीखा रहा। मंत्री ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि अगर उनके खिलाफ लगाया गया एक भी आरोप साबित हो जाता है, तो वह मंत्री पद से इस्तीफा देने के साथ आत्महत्या तक करने की बात कही।

सोमवार को चकराता क्षेत्र के करीब 60 कार्यकर्ता मधु चौहान और दर्जाधारी गीताराम गौड़ के साथ भाजपा ज्वाइन करने पार्टी के प्रदेश कार्यालय पहुंचे। इनमें से कई लोग रविवार को कैबिनेट मंत्री के आवास पर प्रदर्शन में भी शामिल थे। इस बात की भनक जैसे ही कैबिनेट मंत्री खजानदास को लगी वो खुद कार्यालय पहुंचे और ज्वाइनिंग कार्यक्रम पर कड़ा ऐतराज जाताया। खजान दास के विरोध के चलते पार्टी ने ऐन वक्त पर जॉइनिंग कार्यक्रम से किनारा कर लिया। इसके बाद बिना सदस्यता लिए ही सभी कार्यकर्ताओं को वापस लौटना पड़ा। यह पूरा मामला अब संगठन बनाम सरकार के टकराव में बदल गया है, जिसे सुलझाने के लिए कार्यकर्ता मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर अपनी बात रखने की तैयारी में हैं।
