2026-10-01

बेटे को चुनाव जिताने के लिए मां ने लिया कॉलेज में लिया दाखिला, नंगे पांव मांगे वोट,जीत के बाद छलके आंसू

रैबार डेस्क: उत्तराखंड के कॉलेजों में छात्र संघ चुनाव संपन्न हो चुके हैं। चुनाव में हार जीत के संग्राम के बीच कुछ ऐसी कहानियां भी देखने को मिली जो भावुक भी हैं, औऱ प्रेरक भी। नैनीताल से भी ऐसी ही एक कहानी है, जहां बेटो को छात्र संघ अध्यक्ष बनाने के लिए मां ने कॉलेज में न सिर्फ एडमिशन लिया और उसके प्रटार प्रसार में जुटी रही बल्कि अपने बेटे की जीत में बड़ी भूमिका निभाई।

नैनीताल डीएसबी परिसर छात्रसंघ चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी भानु प्रताप चौहान ने जीत हासिल की। नतीजों में भानु प्रताप ने 1355 वोट हासिल कर एबीवीपी के शुभम कुमार को 482 वोट से हराया। अब मां-बेटे की यह जोड़ी चर्चा का विषय बनी हुई है। भानु प्रताप ने एबीवीपी और एनएसयूआई जैसे संगठनों को पीछे छोड़ दिया। लेकिन भानु प्रताप की इस जीत की नायिका हैं उनकी मां बीना चौहान। बेटे को अध्यक्ष पद पर जिताने के लिए मां बीना चौहान ने कैंपस में एडमिशन लिया। इस दौरान उन्होंने चुनावी रणनीति में सक्रिय भूमिका निभाई।

बेटे को चुनाव जिताने के लिए बीना चौहान ने डीएसबी परिसर में एमए पॉलिटिकल साइंस में एडमिशन लिया और चुनावी गतिविधियों में सक्रिय रहीं। बेटे के लिए समर्थन जुटाने से लेकर चुनावी रणनीति में साथ देने तक, मां लगातार उसके साथ खड़ी नजर आईं। यही वजह है कि भानु प्रताप की जीत के बाद मां-बेटे की यह जोड़ी परिसर में चर्चा का विषय बनी हुई है। बीना चौहान हल्द्वानी नगर निगम की पार्षद भी हैं। चुनाव नतीजे आने के बाद बीना चौहान ने कहा कि मेरी आंखों से खुशी टपक रही है, जो लोग मेरे बेटे को बाहर वाला बता रहे थे, उन्हें भानु की जीत ने बता दिया है कि हम बाहर के नहीं बल्कि नैनीताल के हैं। मैं बहुत खुश हूं। नैनीताल शहर का इतना सपोर्ट देने के लिए धन्यवाद।

उधर चुनाव जीतने के बाद भानु प्रताप ने कहा कि वह परिसर में फ्री वाइफाई सहित अन्य समस्याओं का समाधान करने का प्रयास करेंगे, लाइब्रेरी में पर्याप्त किताबें उपलब्ध कराएंगे।

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