केदारनाथ मार्ग में मुस्लिम मजदूर पर बवाल, जम्मू के मजदूर को हिंदू लोगों ने रोका
रैबार डेस्क: केदारनाथ धाम के कपाट खुलते ही यात्रा रफ्तार पकड़ चुकी है। हजारों यात्री केदारनाथ के दर्शन के लिए उमड़ रहे हैं। इस बीच केदारनाथ यात्रा मार्ग पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें गैर सनातनियों की चारधाम में एंट्री पर बैन का हवाला देते हुए, एक मुस्लिम मजदूर को काम करने से रोका जा रहा है। ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
दरअसल बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने केदारनाथ समेत उत्तराखंड के 45 मंदिरों में गैर-सनातनियों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया है। लेकिन ये प्रवेश केवल मंदिर परिसर और गर्भगृह के लिए है। अब कुछ लोगों ने इस प्रतिबंध को यात्रा मार्ग पर काम कर रहे मजदूरों से भी जोड़ दिया। जबकि उन पर ये लागू नहीं होता।
केदारनाथ मार्ग पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि, एक मजदूर को कुछ लोग पूछते हैं कू यहां क्या कर रहा है? तू कहां से आया है? मुसलमान तो यहां बैन हैं, तुझे पता नहीं क्या? मजदूर से बहस कर रहे व्यक्ति ने ये तक कहा कि तुम यहां काम करके पैसे कमाते हो और बम फोड़ते हो?
इस पर मज़दूर ने जवाब दिया, कि वो जम्मू कश्मीर का रहने वाला है और रोज़गार के लिए यहां आया है। उसे जसपाल राणा नाम के व्यक्ति ने काम पर रखा है। बाद मं वो व्यक्ति जसपाल ले भी बात करता है और उससे भी मुस्लिम मजदूर को रखने पर ऐतराज जताता है।
इस वीडियो पर लोग तरह तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोग इसे नियम कायदों की लापरवाही करार दे रहे हैं तो कुछ लोग इसे इंसानियत के खिलाफ बता रहे हैं। लेकिन एख बात जो सोचने वाली ये है कि क्या रोज़ी-रोटी कमाना भी अब धर्म देखकर तय होगा? धार्मिक आस्था का सम्मान हर किसी का अधिकार है। नियमों का पालन भी जरूरी है, इसमें कोई विवाद नहीं। लेकिन सवाल तब खड़ा होता है जब आस्था के नाम पर इंसानियत को पीछे छोड़ दिया जाता है।
