खराब मौसम के कारण राहुल का चॉपर नहीं उड़ पाया, अल्मोड़ा-पौड़ी दौरा रद्द, ऑनलाइन संबोधन में कहा, फिर आऊंगा
रैबार डेस्क: कांग्रेस सांसद और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का बहुचर्चित अल्मोड़ा और पौड़ी दौरा खराब मौसम की भेंट चढ़ गया। राहुल गांधी तय समय पर पंतनगर एयरपोर्ट पहुंच गए थे, लेकिन खराब मौसम के कारण वहां से उनका हेलिकॉप्टर नहीं उड़ पाया। दौरा रद्द होने से उत्साहित कांग्रेसियों को मायूस होना पड़ा। इस वजह से वे अल्मोड़ा और पौड़ी नहीं पहुंच सके और वापस दिल्ली लौट गए। इस दौरान राहुल ने अल्मोड़ा में आयोजित रैली को ऑडियो संदेश और पौड़ी में सैनिकों की रैली को वीडियो संदेश के जरिए संबोधित किया।
राहुल ने अपने ऑनलाइन संबोधन में कहा कि जब उत्तराखंड बना था तो यहां के युवाओं को उम्मीद थी कि उनका भविष्य बनेगा। लेकिन आज उत्तराखंड को यहां के लोग नहीं बल्कि दिल्ली से चलने वाला ‘रिमोट कंट्रोल’ चला रहा है। आज हमारे सामने एक गंभीर चुनौती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने देश की आर्थिक व्यवस्था को तबाह कर दिया है। राहुल गांधी ने कहा कि मैं उत्तराखंड वासियों से बहुत सी बातें करना चाहता था, लेकिन खराब मौसम के कारण हेलिकॉप्टर के पायलट ने उडज़ान भरने से साफ इनकार कर दिया। राहुल ने कहा कि मैं जल्द ही अल्मोड़ा आऊंगा और आपसे संवाद करूंगा।

इसके बाद राहुल गांधी ने पौड़ी में आयोजित सैनिक सम्मेलन को भी संबोधित किया। राहुल गांधी पूर्व सैनिकों से पंतनगर से ही मोबाइल पर संवाद किया और उनकी समस्याओं एवं सुझावों को सुना। अपने संबोधन में राहुल ने कहा कि उत्तराखंड वीर सैनिकों की भूमि है, जहां देशभक्ति लोगों के डीएनए में बसती है। कांग्रेस हमेशा सैनिकों, पूर्व सैनिकों एवं उनके परिवारों के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रही है।

उन्होंने अग्निवीर योजना पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तराखंड के DNA में देशभक्ति की आग है और इसी देशभक्ति के दम पर लोग सेनाओं में जाते हैं। सेना में जाने वाले लोगों और सरकार के बीच एक पवित्र रिश्ता होता है। एक सैनिक देश के लिए अपना सबकुछ समर्पित कर देता है और दूसरी तरफ सरकार सैनिकों और उनके परिवारों की रक्षा करती है। लेकिन BJP ने अग्निवीर सिस्टम को लागू कर इस पवित्र संबंध को ख़त्म कर दिया है। साथ ही उत्तराखंड में पर्यटन, रोजगार और MSME क्षेत्र को बढ़ावा देकर युवाओं के लिए बेहतर अवसर सृजित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
