क्वानू की जमीन पर नहीं बनने देंगे किशाऊ बांध ,जौनसार बावर की महापंचायत में ग्रामीणों का ऐलान
रैबार डेस्क: हिमाचल औऱ उत्तराखंड के बॉर्डर पर टोंस नदी पर प्रस्तावित किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना को लेकर प्रभावित ग्रामीणों का विरोध तेज हो गया है। परियोजना के विरोध में गुरुवार को आयोजित महापंचायत में उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के करीब 20 गांवों से ग्रामीण पहुंचे। ग्रामीणों ने हरिपुर-मीनस मोटरमार्ग पर चक्काजाम कर परियोजना के विरोध में प्रदर्शन किया। महापंचायत में महिलाओं की बड़ी भागीदारी रही।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकार परियोजना से बड़े क्षेत्र में सिंचाई और बिजली उत्पादन का लाभ मिलने की बात कर रही है, लेकिन परियोजना से प्रभावित होने वाले परिवारों के विस्थापन, जमीन और आजीविका के सवालों पर पर्याप्त स्पष्टता नहीं है। ग्रामीणों ने कहा कि विकास परियोजनाओं के साथ प्रभावित लोगों के हितों और भविष्य की सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए। ग्रामीणों का कहना है कि प्रस्तावित स्थल पर बांध बनने से उनकी पुश्तैनी, उपजाऊ और समतल जमीन हमेशा के लिए इतिहास बन जाएगी। इसलिए किसी भी कीमत पर क्वाणू क्षेत्र में बांध नहीं बनने दिया जाएगा और वे मरते दम तक इसका विरोध करेंगे।
महापंचायत में ग्रामीणों ने परियोजना क्षेत्र का नए सिरे से सर्वे कराने की मांग उठाई। साथ ही प्रभावित परिवारों के लिए स्पष्ट और पारदर्शी पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन नीति लागू किए जाने की मांग की गई। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस पहल नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़क पर जुटे रहे। इससे हरिपुर-मीनस मार्ग पर यातायात भी प्रभावित हुआ। ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन से परियोजना से जुड़े सभी पहलुओं पर प्रभावित गांवों के लोगों के साथ पारदर्शी संवाद करने की मांग की।
