वनसंपदा हो रही खाक, जानलेवा बनी जंगल की आग, चमोली में वनाग्नि की चपेट में आने से महिला की मौत
रैबार डेस्क: उत्तराखंड के जंगलों में वनाग्नि वनसंपदा को जलाने के साथ साथ इंसानी जिंदगी के लिए भी घातक साबित हो रही है। चमोली जिले में वनाग्नि का सबसे ज्यादा प्रकोप देखने को मिल रहा है। यहां की आदिबदरी तहसील के बूंगा गांव में वनाग्नि की चपेट में आने से 51 वर्षीय सुरेशी देवी की दर्दनाक मौत हो गई। रेंजर और तहसीलदार ने वनाग्नि से महिला की मौत की पुष्टि की है। इससे पहले भी बदरीनाथ डिवीजन में आग बुझाते वक्त पहाड़ी से गिरकर एक फायर वॉचर की मौत हो गई थी।
जानकारी के मुताबिक, मंगलवार देर शाम लगभग 7 बजे के आसपास बूंगा गांव की सुरेशी देवी अपनी गौशाला जा रही थी। इसी दौरान जंगल में लगी आग उनकी गौशाला तक पहुंच गई, जिसके चपेट में आने से वो गंभीर रूप से झुलस गई और उन्होंने दम तोड़ दिया। चौकी प्रभारी आदिबदरी अनिल आगरी ने बताया कि, आदिबदरी के बूंगा गांव के जंगल में आग लगी हुई थी और तेज आंधी तूफान के कारण आग सुरेशी देवी के गौशाला तक पहुंच गई। जिसकी चपेट में आने से 51 वर्षीय सुरेशी देवी गंभीर रूप से झुलस गई और उन्होंने दम तोड़ दिया।
धनपुर रेंज के रेंजर नवल किशोर ने बताया कि, उन्हें देर रात ग्रामीणों द्वारा घटना की सूचना दी गई थी। सूचना पर तुरंत वनकर्मियों को रवाना किया गया। रेंजर के मुताबिक किसी अज्ञात व्यक्ति ने बूंगा वन पंचायत में आग लगाई जो तेज आंधी तूफान के कारण गौशाला के नजदीक पहुंच गई। आग बुझाने क दौरान महिला इसकी चपेट में आ गई। ग्रामीणों द्वारा महिला को अस्पताल ले जाया जा रहा था, इस दौरान महिला ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
बता दें कि कुछ दिन पूर्व चमोली जिले के बिरही क्षेत्र में जंगलों में लगी भीषण आग एक परिवार के लिए काल साबित हुई थी। आग बुझाने के दौरान एक फायर वॉचर की चट्टान से गिरकर दर्दनाक मौत हो गई थी. जिसके बाद पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया था।
