2026-11-04

17 दिन से लापता वकील की क्यों की गई हत्या, पुलिस ने बताया, आरोपी महिला और उसका भाई गिरफ्तार

रैबार डेस्क: बागेश्वर में 17 अक्टूबर से लापता अधिवक्ता धीरेन्द्र परिहार उर्फ कक्कू (35) की हत्या का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में  नुमाइश मैदान निवासी लता भंडारी और उसके भाई त्रिभुवन विष्ट उर्फ बबलू को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर तीन नवंबर की शाम गोमती नदी के पास से अधिवक्ता का शव बरामद किया गया, पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त लोहे की रॉड और शव को ठिकाने लगाने में इस्तेमाल की गई कार भी बरामद कर ली है

बागेश्वर के एसपी जितेन्द्र कुमार मेहरा ने मामले को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी महिला ने जबरदस्ती करने के विरोध में वकील के सिर पर लोहे की रॉड से वार किए थे। एसपी के मुताबिक बागनाथ वार्ड निवासी नन्दी परिहार ने 31 अक्टूबर को कोतवाली में तहरीर देकर बताया था कि उनका पुत्र धीरेन्द्र परिहार 17 अक्टूबर की शाम करीब छह बजे बागेश्वर बाजार जाने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। इस पर पुलिस ने गुमशुदगी का मुकदमा दर्ज कर तलाश शुरू की। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ मोबाइल सर्विलांस और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से जांच शुरू की। जांच में धीरेन्द्र का एक महिला के मोबाइल नंबर से लगातार संपर्क होना सामने आया। गुमशुदगी के दिन भी उसकी आखिरी बातचीत इसी नंबर पर हुई थी। मोबाइल नंबर की जांच में उसकी पहचान नुमाइशखेत निवासी के रूप में हुई।

पुलिस ने महिला के घर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच के दौरान दो नवंबर को धीरेन्द्र की स्कूटी चिल्ड्रन पार्क नुमाइशखेत के पास खड़ी मिली। वहीं, 19 अक्टूबर की रात संदिग्ध महिला की कार की आवाजाही भी सीसीटीवी में दिखाई दी। इसके बाद पुलिस ने महिला से सख्ती से पूछताछ की तो उसने घटना का खुलासा किया।

इसलिए करदी हत्या

पुलिस के मुताबिक, आरोपी महिला लता ने बताया कि 17 अक्टूबर की रात धीरेन्द्र नशे की हालत में उसके घर पहुंचा था, जहां दोनों के बीच विवाद हुआ और धीरेन्द्र ने जबरदस्ती करने की कोशिश की। इस बात पर गुस्सा होकर महिला ने घर में रखी लोहे की रॉड से उसके सिर पर दो वार कर दिए जिससे धीरेन्द्र मौके पर गिर पड़ा। काफी देर तक होश नहीं आने पर महिला ने शव को अपनी चारपाई के नीचे छिपा दिया। महिला ने अगले दिन अपने भाई को घटना की जानकारी दी और दोनों ने शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। पुलिस के अनुसार, 19 अक्टूबर की रात दोनों ने शव को कार संख्या UK02B-3843 की पिछली सीट पर रखा और बागेश्वर-गिरेछीना मोटर मार्ग पर थुनाई बैंड के पास से नीचे नदी में फेंक दिया।

पुलिस ने दोनों आरोपियों की निशानदेही पर सर्च अभियान चलाकर तीन नवंबर की शाम बागनाथ से करीब चार किलोमीटर दूर गिरेछीना-सोमेश्वर मोटर मार्ग पर नदीगांव के पास थोणाई क्षेत्र में गहरी खाई से सड़ी-गली अवस्था में शव बरामद किया। साथ ही घटना में प्रयुक्त लोहे की रॉड और कार भी कब्जे में ले ली| पुलिस ने मुकदमे में हत्या, साक्ष्य मिटाने और अन्य संबंधित धाराएं बढ़ाते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed