पौड़ी:गुलदार के आतंक से कब मिलेगी निजात? आक्रोशित लोगों ने विधायक को बनाया बंधक, विधायक की गाड़ी के बोनट पर चढ़ी बुजुर्ग महिला
रैबार डेस्क: पौड़ी जिले में गुलदार का आतंक कम होने का नाम नही ले रहा। ऐसा कोई महीना नही जब पौड़ी के आसपास गुलदार ने दहशत न दिखाई हो। पिछले एक साल के भीतर पौड़ी जिला मुख्यालय से 15 किलोमीटर की रेंज में सटे गांवों में गुलदार के हमले की 15 घटनाएं हो चुकी हैं जिनमें 12 लोगों की मौत हो चुकी है। स्वाभाविक है कि लोगों के सब्र का बांध अब टूट रहा है।
मंगलवार शाम को खांड्यूसैंण-वजली में एक मासूम बच्ची को गुलदार ने निवाला बनाया तो लोगों का आक्रोश मौके पर पहुंचे स्थानीय विधायक राजकुमार पोरी पर फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों ने विधायक का घेराव किया और तीखे सवाल किए। इस बीच धक्कामुक्की हुई तो विधायक को गाड़ी में बिठाया गया। जिसके बाद करीब दो घंटे तक विधायक गाड़ी में बैठे रहे। लेकिन ग्रामीणों ने चारों ओर से वाहन को घेर लिया। हालात यह हो गए कि एक बुजुर्ग महिला विधायक के वाहन के बोनट पर चढ़कर प्रदर्शन करने लगी। स्थानीय लोग विधायक के बाहर निकलने की मांग करते रहे। वनमंत्री सुबोध उनियाल औऱ जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।देर रात तक खांज्यूसैंण का इलाका ‘वन मंत्री पौड़ी आओ’ गुलदार भालू से हमें बचाओ के नारों से पूरा क्षेत्र गूंजता रहा। ग्रामीणों का आक्रोश साफ संदेश दे रहा था कि अब खोखले आश्वासनों और औपचारिक दौरों से काम नहीं चलेगा।
ग्रामीणों का कहना था कि जनप्रतिनिधियों को केवल हादसे के बाद घटनास्थल पर पहुंचकर संवेदना जताने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। जब गांवों में लगातार खतरा बना हुआ है तो पहले से सुरक्षा के इंतजाम क्यों नहीं किए गए? शासन और वन विभाग आखिर किस बड़ी घटना का इंतजार कर रहे हैं?
