मसूरी में गणेश के किले पर गामा का धावा! क्या कट पाएगा जोशी का टिकट?
रैबार डेस्क: अब तक कांग्रेस के कलह को दूर से देख रही भाजपा को भी अब कई जगहों पर अपने ही नेताओं के बीच घमासान देखने को मिल सकता है। मसूरी विधानसभा पर भी इसी तर्ज पर सियासत गर्म हो गई है। इस बार मुकाबला सिर्फ विपक्ष से नहीं, बल्कि भाजपा के भीतर ही तेज होता दिख रहा है। चार बार के विधायक और कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी के गढ़ में देहरादून के पूर्व मेयर सुनील उनियाल गामा ने दावा ठोककर जोशी को चुनौती दी है।
देहरादून के पूर्व मेयर उनियाल गामा ने खुलकर कहा कि मेरी भी विधानसभा चुनाव लड़ने की इच्छा है और मैं मसूरी से चुनाव लड़ना चाहता हूं। अगर पार्टी मुझे टिकट देती है तो मैं इसे जीतकर दिखाऊंगा। पत्रकारों ने जब ये पूछा कि क्या गणेश जोशी सीट छोड़ने के लिए तैयार हो जाएंगे, इस पर गामा ने दो टूक कहा कि, ये सीट किसी व्यक्ति की नहीं, भाजपा की है… मैं लड़ूंगा और जीत कर दिखाऊंगा।”
ये सिर्फ एक बयान नहीं, बल्कि सीधी राजनीतिक चुनौती है। गणेश जोशी की मसूरी विधानसभा में अच्छी खासी पकड़ है। हालाकिं इस बार एंटी-इनकम्बेंसी फैक्टर भी दिख रहा है, लेकिन गणेश जोशी चुनाव के वक्त जैसे तैसे इसे मैनेज कर ही लेते हैं। पिछले दिनों सैन्यधाम प्रकरण, आय से अधिक संपत्ति के आरोप और उद्यान घोटाले से जुड़े आरोपों से गणेश जोशी की छवि पर नकारात्मक असर पड़ा है। बावजूद इसके जोशी धामी कैबिनेट मे जगह बचाने में कामयाब रहे हैं।
लेकिन अब गामा की तरफ से खुली चुनौती मिलने से पार्टी ही असहज हो गई है। एक तरफ कांग्रेस इस बार मसूरी से नया चेहरा उतारने के मूड में है, ऐसे में देखना दिलचटस्प होगा कि क्या भाजपा भी ऐसा करगी? और अगर ऐसा सोचेगी तो जोशी का टिकट कटना तय है।
