2022-11-26

विधानसभा भर्ती घोटाला: तदर्थ नियुक्तियां रद्द करने के स्पीकर के फैसले पर हाईकोर्ट की रोक

high court stays the canellation of backdoor recruitment in vidhansabha

रैबार डेस्क: उत्तराखंड विधानसभा में हुईं तदर्थ नियुक्तियों को रद्द करने के फैसले पर नैनीताल हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है।  2012 से 2021 के बीच हुई बैकडोर भर्तियों की जांच के लिए विधानसभा स्पीकर रितु खंडूड़ी ने जांच समिति का गठन किया था। जिसकी सिफारिश पर कुल 250 भर्तियों को रद्द कर दिया गया था। (high court stays the canellation of backdoor recruitment in uttarakhand vidhansabha) निकाले गए कार्मिक हाईकोर्ट पहुंचे थे जिनकी याचिका पर कोर्ट ने स्पीकर के फैसले पर रोक लगाई है।

स्पीकर रितु खंडूड़ी ने उच्चस्तरीय जांच समिति की सिफारिश के आधार पर 2016 में हुईं 150 तदर्थ नियुक्तियां, 2020 में हुईं छह तदर्थ नियुक्तियां,2021 में हुईं 72 तदर्थ नियुक्तियां और उपनल के माध्यम से हुईं 22 नियुक्तियां रद्द कर दी थी। स्पीकर के फैसले के बाद 250 कार्मिकों को तत्काल नौकरी से निकाला गया था। लेकिन कोर्ट ने स्पीकर के इसी फैसले पररोक लगाई है। यानि फिलहाल कर्मचारियों की नौकरी बनी रहेगी।

बता दें कि 2016 की जो 150 भर्तियां रद्द की गई हैं, वह कांग्रेस सरकार में विधानसभा अध्यक्ष रहे गोविंद सिंह कुंजवाल के कार्यकाल में हुई थीं। 2020 की छह, 2021 की 72 तदर्थ व 22 उपनल की भर्तियां भाजपा सरकार में स्पीकर अध्यक्ष रहे प्रेमचंद अग्रवाल के कार्यकाल में हुई थीं। इसके अलावा विधानसभा अध्यक्ष ने कहा था कि 2011 से पहले विधानसभा में जो नियुक्तियां हुई थीं, वह कर्मचारी नियमित हो चुके हैं। उनकी नियुक्ति कैसे हुई, नियमितिकरण कैसे किया गया, पदोन्नतियां कैसे हुईं, इस पर विधिक राय लेने के बाद कार्रवाई की जाएगी।

उत्तराखंड विधानसभा भर्ती में कब क्या हुआ

– जुलाई 2022- यूकेएसएसएसी की भर्तियों के पेपर लीक की घटनाओं के साथ ही सोशल मीडिया में विधानसभा भर्तियों का मुद्दा उठना शुरू हुआ।

– अगस्त 2022- सोशल मीडिया में विधानसभा में हुई भर्तियों की सूची वायरल हुई, जिस पर पूर्व विस अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल के बयान के बाद विवाद गहरा गया।

– 28 अगस्त- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा अध्यक्ष से भर्तियों की जांच का अनुरोध किया। यह भी कहा कि सरकार की जहां आवश्यकता हो, सहयोग दिया जाएगा।

– 29 अगस्त- पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने कहा, हां मैने अपने बेटे और बहू को नौकरी पर लगाया।

– 3 सितंबर- विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने विधानसभा में हुई भर्तियों की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेषज्ञ जांच समिति का गठन किया।

22 सितंबर- जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर स्पीकर रितु खंडूड़ी ने ने 250 भर्तियां रद्द कर दी।

– 15 अक्टूबर- नैनीताल हाईकोर्ट ने नियुक्तियां रद्द करने के स्पीकर के फैसले पर रोक लगा दी।

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