महिलाओं को समान हक दिलाने के लिए सबसे बड़ा सुधार, ऐसा करने वाला पहला राज्य उत्तराखंड

Womens have equel right on husbands property

महिलाओं को पति की पैतृक संपत्ति में भी मिलेगा हक। पैतृक संपत्ति की सहखातेदार होंगी महिलाएं। महिलाएं बनेंगी आत्मनिर्भर। बैंक से लोन से लकेंगी महिलाएं।

रैबार डेस्क:   उत्तराखंड राज्य निर्मण में मातृशक्ति का बहुमूल्य योगदान रहा है। मातृशक्ति को आत्मनिर्भर बनाने (women Empowerment in Uttarakhand)  की दिशा में त्रिवेंद्र सरकार (Trivendra Singh Rawat) ने अब तक का सबसे ऐतिहासिक फैसला लिया है। प्रदेश में महिलाओं को अब पति की पैतृक संपत्ति (Rights in husband’s property) में भी बराबरी का हक मिल सकेगा। पत्नियां पति की पैतृक संपत्ति में सहखातेदार होंगी। इससे महिलाओं को  कई तरह के फायदे होंगे। प्रदेश की करीब 35 लाख महिलाओं को इसका लाभ मिलेगा।

गुरुवार को त्रिवेंद्र कैबिनेट की बैठक में उत्तराखंड (उत्तर प्रदेश जमींदारी विनाश एवं भू वयवस्था अधिनियम 1950) मे संशोधन को मंजूरी मिल गई है। इन संसोधनो के तहत प्रदेश की पर्वतीय क्षेत्रों की महिलाओं को बड़ी राहत की उम्मीद जगी है। इससे बेटियों को पैतृक संपत्ति में अधिकार मिल सकेगा।  संपत्ति पर हक न होने के कारण महिलाओं को बैंक लोन नहीं मिल रहे हैं। इस स्थिति को देखते हुए ही यह घोषणा की गई थी। महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों को भी इससे राहत मिलने की उम्मीद है। इससे पहले पति के द्वारा खरीदी गई प्रॉपर्टी पर ही पत्नी का हक होता था. जबकि पैतृक संपत्ति पर पति का ही अधिकार होता था.पति की मौत के बाद ही पत्नी का अधिकार पति के द्वारा अर्जित की हुई संपत्ति पर होता है. जब स्त्री पति से तलाक ले लेती है तो ये अधिकार भी खत्म हो जाता है. अगर पत्नी की मृत्यु हो जाती है तो ऐसी स्थिति में पत्नी को मिला अधिकार जीवित पति को होता है।

ये होगा फायदा

नए कानून में संशोधन को विधानसभा में मंजूरी मिलने के बाद राज्य की करीब 35 लाख महिलाएं लाभान्वित होंगी। अब महिलाएं, पति की पैतृक संपत्ति में सहखातेदार होंगी। इसके साथ ही तलाकशुदा और संतानहीन बेटियों को भी पैतृक संपत्ति में अधिकार मिलेगा।

इससे महिलाओं को न सिर्फ भूमि का मालिकाना हक मिल सकेगा, बल्कि उन्हें भूमि पर लोन लेने के साथ ही उसे बेचने का अधिकार भी होगा।

महिलाओं को अब स्वरोजगार और विभिन्न स्वावलंबन योजनाओं के लिए बैंकों से ऋण उपलब्ध हो सकेगा। महिलाओं को ये अधिकार देने के लिए संबंधित अधिनियम की धारा-130, धारा-तीन की उपधारा-30 और धारा-171 में संशोधन किए गए हैं।

महिलाओं को संपत्ति में अधिकार देने वाला पहला राज्य

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि महिलाओं को संपत्ति में अधिकार देने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना है। यह अन्य राज्यों के लिए नजीर बनेगा। आधी आबादी प्रदेश के विकास में प्रमुख शक्ति बनेगी। महिलाओं को पति की पैतृक संपत्ति में सह खातेदार बनाने की योजना पर सरकार लंबे समय से काम कर रही थी। इसके लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी भी बनाई गई थी। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कुछ समय पहले ही महिलाओं को सहखातेदार बनाने की घोषणा पौड़ी के एक कार्यक्रम में की थी।

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