सज गया सल्ट का मैदान, भाजपा-कांग्रेस में नाक और साख की लड़ाई

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सल्ट में 12 अप्रैल को उपचुनाव। भाजपा के महेश जीना बनाम कांग्रेस की गंगा पंचोली में टक्कर। भाजपा कांग्रेस के लिए अहम है चुनाव। साख और नाक की लड़ाई।

रैबार डेस्क:  अल्मोड़ा जिले की सल्ट विधानसभा सीट पर उपचुनाव  (Salt Assembly By-poll) व का बिगुल बजते ही मैदान सज गया है। बीजेपी और कांग्रेस ने अपने अपने प्रत्याशियों की घोषणा करके ताल ठोंक दी है। बीजेपी से दिवंगत सुरेंद्र सिंह जीना के भाई महेश सिंह जीना मैदान हैं, जबकि कांग्रेस ने गंगा पंचोली (Mahesh Jeena Vs Ganga Pancholi) पर फिर से विश्वास जताया है। दोनों पार्टियों के लिए 17 अप्रैल होने जा रहा यह उपचुनाव 2022 के चुनाव से पहले सेमीफाइनल माना जा रहा है। उपचुनाव में दोनों प्रमुख दलों के बीच कांटे का मुकाबला होने के आसार हैं।

बीजेपी ने दिवंगत विधायक सुरेंद्र जीना के भाई महेश जीना को अपना प्रत्‍याशी बनाया है। जबकि कांग्रेस ने गंगा पंचोली को फिर से मैदान में उतारा है। नामांकन के दिन दोनों दलों ने शक्ति प्रदर्शन किया। दोनों पार्टियों के प्रदेश अध्यक्ष समेत तमाम बड़े नेता नामांकन के वक्त अपने अपने प्रत्याशी का हौसला बढ़ाते नजर आए।

सल्ट क्षेत्र से सुरेंद्र सिंह जीना लगातार तीन बार विधायक चुने गए थे। लेकिन पिछले वर्ष नवंबर उनके निधन के कारण यह सीट रिक्त हो गई थी। अल्मोड़ा जिले में कांग्रेस का वर्चस्व रहा है, लेकिन सल्ट में सुरेंद्र जीना ने 15 साल से भाजपा को जीत दिलाते रहे। भाजपा इस सीट को खोना नहीं चाहती इसलिए पार्टी ने सुरेंद्र जीना के भाई को टिकट देकर सहानुभूति का कार्ड खेला है। यह चुनाव मुख्यमंत्री तीरथ सिंहरावत के लिए भी अग्निपरीक्षा की तरह है। उत्तराखंड में सीएम बदलने के बाद उनके नेतृत्व में यह पहला चुनाव होगा, इसलिए पार्टी पूरी जोर लगा रही है।

दूसरी तरफ कांग्रेस फिर से गंगा पंचोली पर दांव खेलकर कड़ी टक्कर देने के मूड में है। 2017 के चुनाव में मोदी लहर के बावजूद गंगा पंचोली को आखिरी समय में टिकट दिया गया था। फिर वह सिर्फ 3000 वोटों से ही पीछे रह गईं। इसके बाद से वह लगातार अपने क्षेत्र में सक्रिय हैं। लिहाजा कांग्रेस इस उपचुनाव को जीतकर अपनी खोई हुई साख वापस पाना चाहती है।

2022 के विधानसभा चुनावों के लिहाज से भी सल्ट उपचुनाव के नतीजे बेहद अहम साबित होंगे। इस सीट की जीत हार के सियासी मायने निकाले जाएंगे। बीजेपी यह उपचुनाव जीती तो सीएम तीरथ र और नए प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक मजबूत होंगे। लेकिन अगर कांग्रेस सीट जीती तो  सरकार के लिए एक बड़ा झटका होगा ही, 2022 के लिए कांग्रेस को नई ऊर्जा भी मिलेगी।

सल्ट विधानसभा क्षेत्र में 95,241 मतदाता हैं, जिसमें 48,682 पुरुष और 46,559 महिला मतदाता शामिल हैं। इस विधानसभा क्षेत्र में 912 सर्विस वोटर भी हैं। कोरोना संक्रमण को देखते हुए इस बार पोलिंग बूथ की संख्या भी बढ़ाई गई है। सल्ट उपचुनाव के दौरान 151 पोलिंग बूथों पर मतदान किए जाएगा। वोटिंग 17 अप्रैल को होगी जबकि 2 मई को नतीजे आएंगे।

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