देवभूमि को 18 हजार करोड़ की योजनाओं की सौगात, पाणी अर जवानी पहाड़ का काम आलि: मोदी

PM lays foundation stone and dedicates schemes worth 18000 crore to Uttarakhand

देहरादून: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को देहरादून में वनिशाल जनसभा को संबोधित किया। (PM Modi lays foundation stone and dedicates schemes worth 18000 crore to Uttarakhand) पीएम ने 18 हजार करोड़ की योजनाओं की सौगात केसाथ चुनावी शंखनाद भी। इसमें लगभग 8300 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारा शामिल है।

परेड ग्राउंड में आयोजित विशाल रैली में अपने संबोधन की शुरुआत पीएम ने गढ़वाली से की। इसके बाद पीएम ने धामी सरकार की पीठ भी थपथपाई। पीएम ने कहा कि उत्तराखंड का विकास डबल इंजन की सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बीते 5 वर्षों में उत्तराखंड के विकास के लिए केंद्र सरकार ने एक लाख करोड़ रुपये से अधिक परियोजनाएं स्वीकृत की हैं। यहां की सरकार इन्हें धरातल पर उतार रही है। इसी को आगे बढ़ाते हुए आज 18 हजार करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास, लोकार्पण किया गया है। बीते वर्षों की कड़ी मेहनत व अनेक प्रक्रिया से गुजरने के बाद ये दिन आया है। पीएम ने कहा कि ये परियोजनाएं इस दशक को उत्तराखंड का दशक बनाएंगी।  

पाणी अर जवानी काम ही आली

पीएम मोदी ने कहा कि पांच साल पहले मैंने कहा था, जो कहा था, उसको याद करने की ताकत राजनेताओं में जरा कम होती है। मुझमें है। आज मैं गर्व से कह सकता हूं कि उत्तराखंड का पाणी और जवानी उत्तराखंड के काम ही आली। एक समय पहाड़ पर रहने वाले लोग विकास की मुख्यधारा से जुड़ने का सपना ही देखते थे। हमें कब सड़क मिलेगी, बिजली मिलेगी, कब स्वास्थ्य सुविधा मिलेगी, लेकिन जब कुछ करने का जुनून हो तो सूरत भी बदलती है और सीरत भी बदलती है।

इन योजनाओं का शिलान्यास

दिल्ली देहरादून एक्सप्रेस-वे : दिल्ली से देहरादून तक सफर आसान बनाने के लिए 175 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास किया गया। इसकी लागत करीब 8600 करोड़ है।  

ग्रीनफील्ड एलाइनमेंट : दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे पर 2082 करोड़ की लागत से 51 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड एलाइनमेंट बनाया जाएगा।

हरिद्वार रिंग रोड : यह रिंग रोड मनोहरपुर से कांगड़ी तक 15 किलोमीटर लंबा होगा, जिस पर 1602 करोड़ का खर्च होगा। इससे कुमाऊं की कनेक्टिविटी भी बढ़ेगी।

लक्ष्मण झूला पुल : लक्ष्मणझूला पुल की भार क्षमता घट जाने की वजह से आवागमन बंद है। इसके पास ही 132.30 मीटर स्पान का 69 करोड़ की लागत से नया पुल बनेगा। पैदल यात्रियों के लिए ग्लास डैक का प्रावधान किया गया है।

देहरादून-पौंटा साहिब मार्ग : 1695 करोड़ की लागत से 50 किलोमीटर लंबा मार्ग बनाया जाएगा। यह पौंटा साहिब से शुरू होकर बल्लूपुर चौक तक बनेगा।

इन योजनाओं का लोकार्पण

व्यासी हाइड्रो प्रोजेक्ट : 1777 करोड़ की 120 मेगावाट की यह जलविद्युत  परियोजना तैयार है। 86 मीटर ऊंचे बांध वाली इस परियोजना से हर साल 353 मिलियन यूनिट अतिरिक्त हरित ऊर्जा का उत्पादन भी होगा।

ऑल वेदर रोड 257 करोड़ की लागत से ऑल वेदर रोड प्रोजेक्ट के तहत देवप्रयाग से श्रीकोट तक 38 किलोमीटर सड़क चौड़ी करने का काम तथा ब्रहम्पुरी से कौड़ियाला महादेव चट्टी तक दो लेन में चौड़ीकरण कार्य का लोकार्पण किया।

लामबगड़ लैंडस्लाइड जोन ट्रीटमेंट : लामबगड़ में कई साल से क्रोनिक लैंड स्लाइड जोन सक्रिय होने से बदरीनाथ धाम जाने वाले यात्रियों और आसपास के लोगों को लगातार परेशानी हो रही थी। लिहाजा, 108 करोड़ की लागत से स्थायी उपचार किया गया है।

हिमालयन कल्चरल सेंटर देहरादून : 67 करोड़ की लागत से गढ़ीकैंट में हिमालयन कल्चरल सेंटर स्थापित किया गया है।

सगंध पौधा केंद्र सेलाकुई : सेलाकुई स्थित सगंध पौधा केंद्र को केंद्र सरकार ने और मजबूती प्रदान की है। यहां 40 करोड़ की लागत से 20 हजार 560 वर्गफिट क्षेत्र में छह अत्याधुनिक इत्र और सुगंध प्रयोगशालाओं का निर्माण किया गया है।

विपक्ष पर निशाना

देहरादून। पीएम ने कहा कि दस साल में देश मे जो घोटाले हुए, उसकी भरपाई के लिए हम दोगुनी रफ्तार से काम कर रहे हैं। आज भारत आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर दो लाख करोड़ से अधिक के निवेश के इरादे से आगे बढ़ रहा है। आज भारत की नीति दोगुनी तेजी से काम करने की है। 21वीं सदी के इस कालखंड में कनेक्टिविटी का एक ऐसा महायज्ञ चल रहा है जो भारत को विकसित देशों की संख्या में लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। 2007 से 2014 के बीच केंद्र सरकार ने उत्तराखंड में 600 करोड़ रुपये के केवल 288 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण किया। जबकि हमारी सरकार ने अपने 7 वर्षों में उत्तराखंड में 12,000 करोड़ रुपये के 2,000 किलोमीटर से अधिक के राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण किया है। कोरोनकाल में उत्तराखंड में 50 से अधिक नए ऑक्सीजन प्लांट लगे हैं। आज प्रदेश मे नए मेडिकल कॉलेज, आईआईटी, आईआईएम, भावी पीढ़ी के भविष्य को मजबूत करने का काम कर रहे हैं।

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