उत्तराखंड युवा आयोग जल्द अस्तित्व में आयेगा, CM ने प्रदेशभर के युवाओं से किया संवाद

Youth day celebration uttarakhand

रैबार डेस्क: स्वामी विवेकानन्द (Swami Vivekanand) की 158वीं जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत (Trivendra Singh Rawat) ने प्रदेश के युवा उद्यमियों के साथ संवाद किया। युवा चेतना दिवस कार्यक्रम में सीएम ने कहा कि राज्य में जल्द ही युवा आयोग (Youth Commission) अस्तित्व में आ जायेगा। इसके लिए बजट का प्राविधान हो चुका है।

सीएम त्रिवेंद्र ने युवाओं से कहा कि स्वामी विवेकानन्द ने एक ध्येय वाक्य दिया ‘‘उठो जागो और तब तक मत रूको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो ’’। विवेकानन्द जी भारतीय संस्कृति के संवाहक थे। उन्होंने पूरे विश्व को भारत की संस्कृति से अवगत कराया। भारत की संस्कृति सर्वश्रेष्ठ संस्कृति है, यहां की संस्कृति में सबको साथ लेकर चलने की ताकत है।सीएम ने कहा कि विवेकानन्द जी ने उत्तराखंड के अल्मोड़ा जनपद, बागेश्वर एवं अगस्त्यमुनी के स्मरणों का वर्णन किया है। उत्तराखण्ड से स्वामी विवेकानन्द जी का विशेष लगाव था। विवेकानन्द जी का जीवन दर्शन युवाओं के लिए हमेशा प्रेरणा स्रोत रहेगा।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि आज प्रदेश के युवाओं के साथ जो संवाद हुआ, इसमें बहुत अच्छे सुझाव मिले। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि युवाओं द्वारा जो भी सुझाव दिये गये हैं, उनका संग्रह किया जाय। ये विचार सरकार के लिए नीतिगत निर्णय लेने में सहयोगी हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा स्वरोजगार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। स्वरोजगार के लिए राज्य में पर्याप्त संभावनाएं भी हैं। उत्पादों का वैल्यू एडिशन एवं प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल कैसे हो, इस दिशा में और प्रयासों की जरूरत है। स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार उपलब्ध कराने के लिए ग्रोथ सेंटर पर कार्य किया जा रहा है। ग्रोथ सेंटर आज आजीविका बढ़ाने में सहायक सिद्ध हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के सभी मुद्दों को एक मंच पर सुनने और उनके समाधान के लिए प्रदेश में युवा आयोग का गठन किया जा रहा है। जल्द ही युवा आयोग अस्तित्व में आ जायेगा।
इस अवसर पर शिक्षा मंत्री अरविन्द पाण्डेय ने कहा कि राज्य में प्रत्येक विकासखण्ड में दो अटल उत्कृष्ट विद्यालय खोले जा रहे हैं। इसका शासनादेश भी जारी हो गया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की खेल नीति जल्द प्रकाशित होने वाली है। उसके बाद अनेक युवाओं को खेलों के क्षेत्र में अपना भविष्य बनाने का मौका मिलेगा।

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