Women lost in ardh kumbh found in mahakumbh

रैबार डेस्क: आम तौर पर कुंभ मेले में लोगों के गुम होने या बिछड़ने के किस्से आपने कई बार सुने होंगे। लेकिन ये कुंभ की महिमा ही है जिसमें वर्षों से लापता लोग मिल भी जाते हैं। हरिद्वार महाकुंभ (Haridwar Mahakumbh 2021) में भी एक ऐसा ही अद्भुत प्रसंग देखने को मिला है। जहां 5 साल पहले अपनों से बिछड़ी एक महिला (Lost women found) उसी पावन भूमि पर अपनों से मिल गई। उत्तराखंड पुलिस के खोया पाया केंद्र ने अर्धकुंभ में बिछड़ी इस महिला को उसके परिजनों से मिलाने में बड़ी भूमिका निभाई।

हरिद्वार कुंभ मेले में बनाया गया उत्तराखंड पुलिस का हाईटेक खोया पाया केन्द्र अपनों से बिछड़े लोगों के लिए लाभदायक साबित हो रहा है। अब तक 400 से ज्यादा लापता लोगों को उनके परिजनों से मिलवा चुका है। लेकिन बुधवार को एक अनोखा मामला सामने आया। जब एक महिला ठीक 5 साल बाद उसी हरिद्वार में अपनों से मिली। खास बात ये है ये महिला 5 साल पहले 2016 के हरिद्वार अर्धकुंभ में गुम हो गई थी।

उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थ नगर की रहने वाली कृष्णा देवी पत्नी ज्वाला प्रसाद 2016 में हरिद्वार में आयोजित अर्धकुंभ मेले में स्नान के लिए घर से निकली थी, लेकिन मेले की भीड़ में खो गई और घर नहीं लौट सकी। परिजनों ने उन्हें कई जगहों पर तलाशा लेकिन उन्हें सफलता हासिल नहीं हुई।

महिला की डिटेल जांचने के बाद हरिद्वार कुंभ में बने खोया पाया केन्द्र ने कृष्णा देवी के पुत्र दिनेशवर पाठक से संपर्क किया और उनके सही सलामत ऋषिकेश में निवासरत होने की सूचना दी। खबर मिलते ही सभी हतप्रभ हो गए जिस की आस नहीं थी वो संभव हो गया। सूचना मिलते ही दिनेश्वर पाठक और उनकी पुत्री उमा उपाध्याय कुंभ मेला थाना ऋषिकेश पहुंचे। जहां त्रिवेणी घाट में कृष्णा देवी को उनके सुपुर्द कर दिया। कृष्णा देवी ने अपने परिजनों को बताया कि गुमशुदगी के दौरान वह हरिद्वार, अयोध्या, मथुरा, वृदावन गंगोत्री, यमुनोत्री, बदरीनाथ, केदारनाथ आदि की यात्रा कर चुकी है।

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